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प्रयागराज: रिटायरमेंट के बाद सर्विस बुक में दर्ज जन्मतिथि बदलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सर्विस बुक में दर्ज जन्मतिथि रिटायरमेंट के बाद नहीं बदली जा सकती है. कोर्ट ने जन्मतिथि बदलने व पांच साल के वेतन वसूली आदेश पर रोक लगाई. 

क्या है पूरा मामला
दरअसल संग्रह अमीन पद से 2015 में सेवानिवृत्त पेंशन भोगी बचन सिंह की सेवा पंजिका में हाईस्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर उनकी जन्मतिथि 10 अक्टूबर 1955 दर्ज है. लेकिन एसडीएम ने हाईस्कूल के पहले की शिक्षा में दर्ज जन्मतिथि 10 अक्टूबर 1950 के आधार पर जन्मतिथि परिवर्तित करने का आदेश दिया. साथ ही एसडीएम ने पांच साल अधिक सेवा का वेतन वापसी का निर्देश दिया. जिस पर तहसीलदार ने वसूली आदेश भी जारी कर दिया. जिसे उन्होंने चुनौती दी  है.

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मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जे जे मुनीर की एकल पीठ ने जन्मतिथि बदलने व पांच साल के वेतन वसूली आदेश पर रोक लगाई है. कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ने कहा सेवा पंजिका में दर्ज जन्मतिथि को सेवानिवृत्ति के बाद बदला नहीं जा सकता है. यह कर्मचारी और नियोजक दोनों पर बाध्यकारी है. साथ ही कोर्ट ने एसडीएम शिकोहाबाद को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्य करने के लिए उचित कार्यवाही की जाये. कोर्ट ने एसडीएम से 24 जून तक स्पष्टीकरण के साथ मांगा व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी. 

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