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हितेष शर्मा/दुर्ग: कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लोगों में कई प्रकार के लक्षण देखे जा रहे हैं. जिनमें से एक है मनोरोग. ऐसे मरीजों के लिए मनोवैज्ञानिक द्वारा काउंसलिंग की जरूरत है. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोविड संक्रमण से ठीक हुए मरीजों को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ्य करने के लिए प्रशासन ने एक नई पहल की है.

देखा जा रहा है कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों में डिप्रेशन की परेशानी हो रही है. ऐसे में इन मरीजों को नकारात्मक मनोदशा से उबारने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने काउंसलिंग की सुविधा शुरू की है. 

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इसी तरह कोविड संक्रमण के बाद शरीर में होने वाले साइडइफेक्ट्स के बारे में लोगों को जागरूक करने और पीड़ितों का इलाज करने के लिए भी ओपीडी शुरू की गई है. जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मनोवैज्ञानिक द्वारा पोस्ट कोविड काउंसलिंग और इलाज की सुविधा दी जाएगी.

इस संबंध में डॉक्टर मीनाक्षी गुप्ता दानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण कई लोगों ने अपने प्रिय परिजनों को खो दिया है. कई कोरोना संक्रमितों में इलाज के दौरान मानसिक रूप से नकारात्मकता के भाव घर कर गये हैं. 

हालांकि कोविड अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की मेहनत से मरीजों ने कोरोना संक्रमण को मात तो दे दी है परंतु ठीक होने के बाद भी कुछ मरीजों को मानसिक तनाव, एंग्जायटी, व्याकुलता, बुरे ख्याल आना, मन में अनजाना डर रहना जैसे भाव भी महसूस होने की सूचना मिल रही है. ये मरीज कोरोना के भय से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाये हैं.इसी भय को बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग की जाएगी. व्यक्ति की मनोदशा के हिसाब से जरूरी होने पर दवाईयां भी दी जाएंगी.

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