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Gaya: बंगाल और उड़ीसा के समुद्री तट से टकराया ‘यास’ चक्रवात का सीधा असर बिहार झारखंड के गया और चतरा जिले के दक्षिणी इलाकों में देखने को मिला रहा है. 

यास चक्रवात के बाद बिहार झारखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से नदियों में अचानक आए पानी के तेज बहाव की निगरानी के लिए घोड़ा घाट चेक डैम पर जिलाधिकारी अभिषेक सिंह के द्वारा पत्र निर्गत किया गया और डैम पर दो अधिकारियों की प्रतिनुक्ति की गई थी. लेकिन उक्त स्थान पर एक भी अधिकारी की मौजूदगी नहीं मिली और ना ही डैम पर कोई कर्मी मिला. डैम के कंट्रोल रूम पर ताला लटका हुआ था और डैम के आस पास के बच्चे नदी में खेलते नजर आए जो एक बड़ी लापरवाही साबित हो सकती हैं. 

बता दें कि 24 मई 2021 को गृह मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा प्राप्त पत्र के बाद जिलाधिकारी द्वारा सूचित किया गया कि यास नामक चक्रवात की उतपति हो रही है, जिसके प्रभाव से 27 से 30 मई के मध्य बिहार के कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवा, वज्रपात, भारी वर्षापात होने की संभावना है. 

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इसे लेकर गया जिला के अलौली प्रखंड अंतर्गत निरंजना नदी जिसमें बिहार के साथ-साथ झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से वर्षा के दिनों में काफी तेज पानी आता है, जिस पर घोड़ा घाट के पास नदी के जल को रोककर सिंचाई किए जाने हेतु डैम का निर्माण किया गया है, वहां चक्रवात के क्रम में भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है. 

ऐसी स्थिति में उक्त नदी में भारी वर्षा के कारण अधिक पानी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.  घोड़ा घाट डैम में अधिक पानी एकत्र हो सकता है तथा बांध के टूटने की संभावना से भी मुंह नहीं फेरा जा सकता. इस पर निगरानी रखना आवश्यक है.

इसी क्रम में जल स्तर बढ़ने तथा डैम की स्थिति पर निगरानी हेतु दो दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी और डोभी थानाध्यक्ष को भी निर्देशित किया गया था कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यकता अनुसार उक्त स्थल पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करेंगे. लेकिन डैम पर ना तो एक भी अधिकारी की उपस्थिति थी और ना ही कोई सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती थी.

इससे साफ जाहिर होता हैं कि जिले के कप्तान के आदेश को भी अधिकारी अनदेखा करते है और सिर्फ खानापूर्ति कर के आदेश को पूरा कर देते है. 

(इनपुट- जय प्रकाश कुमार)