

Jaipur : राजस्थान में बाड़मेर के बहुचर्चित कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री (CM Ashok Gehlot) की सहमति के बाद राज्य के गृह विभाग इस मामले में फाइल तैयार कर केंद्र सरकार से सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा भेज दी. हालांकि अब CBI पर निर्भर करेगा कि वह इस मामले को जांच (CBI inquiry) के लिए स्वीकार करती या नहीं.
ये भी पढ़ें-Launch होगा आयकर विभाग का नया पोर्टल, 7 जून को नए फीचर्स के साथ होगी Launching
बाड़मेर (armer Kamlesh Prajapat encounter Case) के सदर पुलिस थाना क्षेत्र में 22 अप्रैल की रात पुलिस कुख्यात तस्कर को पकड़ने गई. पुलिस टीम और तस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान तस्कर ने एक हेड कांस्टेबल पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया. पुलिस जवानों ने आत्मरक्षा के लिए फायरिंग की, जिसमें गोली लगने से तस्कर गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने उसे बाड़मेर के राजकीय अस्पताल में पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यह है एनकाउंटर के महत्वपूर्ण तथ्य
– पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से पहले कमलेश प्रजापति ने एसयूवी गाड़ी से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की थी.
– पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कमलेश पर एके 47 से फायर किया.
– पुलिस ने एनकाउंटर के बाद कमलेश प्रजापत के घर से 59 लाख नकद, 5 पिस्टल, 9 मैग्जीन, 121 कारतूस, 59 लाख 69 हजार 50 रुपए नकद बरामद किए थे.
-उसके बाद 13 मोबाइल फोन व 4 डोगल बरामद किए थे, मकान के पास बने एक बड़े गैरेज में अलग-अलग कंपनी के 11 लग्जरी वाहन बरामद भी हुए थे. जिसमें एक बीएमडब्ल्यू, दो इनोवा, एक फॉच्यूनर, एक स्कोडा, तीन ईसूजी सहित एक ट्रक भी बरामद हुआ था.
– वाण्टेड कमलेश प्रजापत था नागाणा थाना का हिस्ट्रीशीटर था.
– बाड़मेर जिले में जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, आम्स एक्ट एनडीपीएस के मामले थे दर्ज.
– इधर 24 अप्रैल को एनकाउंटर का सीसी टीवी फुटेज वायरल हुआ.
– एनकाउंटर का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद समाज के साथ ही विपक्ष ने भी एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए.
– एनकाउंटर पर सरकार से निष्पक्ष जांच की मांंग उठने लगी.
– इस मुद्दे पर पचपदरा से कांग्रेस विधायक मदन प्रजापत ने भी सीबीआई जांच कर दी.
– विधायक मदन प्रजापत ने CBI जांच की मांग नहीं मानने पर इस्तीफे की धमकी तक दे दी थी.
– कमलेश प्रजापत की पत्नी जसोदा ने भी हाईकोर्ट में याचिका पेश कर एनकाउंटर की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया गया है.
– इसके साथ ही इस मामले में 5 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग करते हुए यह रकम बाड़मेर पुलिस अधीक्षक और उप अधीक्षक सहित 24 अन्य पुलिसकर्मियों से वसूल कर उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की गई थी.
– इधर मामले की फ़ाइल गृह विभाग से मुख्यमंत्री के पास भेजी, जिस पर CM ने स्वीकृति दे दी.
गृह विभाग ने भेजा सीबीआई करेगी तय
मुख्यमंत्री की सहमति के बाद सोमवार शाम गृह विभाग ने कमलेश प्रजापति एनकाउंटर की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को अनुशंसा करते हुए पत्र लिखा है. केंद्रीय कार्मिक सचिव को मामले की एफआईआर के साथ पत्र भेजा है जिसमें मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की गई है. केंद्रीय कार्मिक विभाग प्रकरण को सीबीआई को भेजेगा उसके बाद सीबीआई तय करेगी कि मामले की जांच करनी है या नहीं. यदि सीबीआई जांच स्वीकार करती है तो राज्य सरकार को अवगत करा दिया जाएगा या फिर सीबीआई मामले को लौटा भी सकती है.
ये भी पढ़ें-कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादा बिजली कनेक्शन जारी करेंगे: गहलोत

