
Jaipur: प्रदेश में नवगठित नगर पालिकाओं में अध्यक्ष उपाध्यक्ष बनने को लेकर चल रहे सरपंचों के झगड़े को मिटाने के लिए राज्य सरकार (State Government) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए.
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नवगठित नगर पालिका में दो से अधिक ग्राम पंचायत होने पर अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायत का सरपंच अध्यक्ष बनेगा तथा दूसरी पंचायत का सरपंच उपाध्यक्ष बनेगा. इस संबंध में स्वायत शासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है.
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प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से कितने दिनों नई नगर पालिकाओं का गठन किया गया है. नई पालिकाओं के क्षेत्र में कुछ ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है. नवगठित पालिका में ग्राम पंचायत सरपंच को अध्यक्ष उपसरपंच को उपाध्यक्ष और वार्ड पंचों को सदस्य बनाया जाता है लेकिन जिन नवगठित नगर पालिकाओं में एक से ज्यादा ग्राम पंचायत में शामिल की गई है. उनमें पालिका अध्यक्ष बनने के लिए सरपंचों में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई. सरपंचों के बीच झगड़े का यह मामला राज्य सरकार के पास पहुंचा.
नियमों में प्रावधान नहीं होने से उलझा मामला
दरअसल, राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के अनुसार राज्य सरकार द्वारा राज्य की किसी क्षेत्र को नगरपालिका घोषित किये जाने पर नगरपालिका घोषित किए गए ग्राम के ऐसे क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सरपंच, उपसरपंच और पंच या पंचो को ऐसे क्षेत्र के लिए घोषित नगरपालिका का क्रमशः अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और यथास्थिति सदस्य समझा जाएगा, का प्रावधान है, किन्तु नगरपालिका क्षेत्र घोषित किये गये क्षेत्र में एक से अधिक ग्राम पंचायत को शामिल किये जाने पर किस ग्राम पंचायत के सरपंच/उपसरपंच को नगरपालिका घोषित किए गए क्षेत्र का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समझा जावें, के संबंध में अधिनियम में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है.
अधिसूचना जारी कर दिए दिशा निर्देश
उधर मामला सरकार तक पहुंचने पर स्वायत शासन विभाग ने एक अधिसूचना जारी पालिका के सरपंच उपसरपंच के मामले में दिशा-निर्देश जारी किए.
1. नवगठित नगरपालिका में एक पूर्ण ग्राम पंचायत एवं एक या एक से अधिक आंशिक ग्राम पंचायत के शामिल किये जाने की स्थिति में नवगठित नगरपालिका में शामिल किये गये पूर्ण ग्राम पंचायत के सरपंच एवं उपसरपंच को नवगठित नगरपालिका का अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा शेष वार्ड पंचों तथा आंशिक ग्राम पंचायत/पंचायतों के वार्ड पंचों को सदस्य समझा जावेगा.
2. नवगठित नगरपालिका में दो या दो से अधिक पूर्ण ग्राम पंचायत एवं एक या एक से अधिक आंशिक ग्राम पंचायत के शामिल किये जाने की स्थिति में नवगठित नगरपालिका में शामिल की गयी पूर्ण ग्राम पंचायत जिसकी जनसंख्या सर्वाधिक है, के सरपंच को नवगठित नगरपालिका का अध्यक्ष तथा नवगठित नगरपालिका में शामिल की गयी पूर्ण ग्राम पंचायत जिसकी जनसंख्या द्वितीय है, के सरपंच को नवगठित नगरपालिका का उपाध्यक्ष तथा शेष ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, शेष वार्ड पंचों तथा आंशिक ग्राम पंचायत/पंचायतों के वार्ड पंचों को सदस्य समझा जावेगा.
