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Jaipur: राजधानी जयपुर के रामगंज इलाके में कोरोना काल में हाजी रफत के जनाजे में उमड़ी भीड़ को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सरकार को आड़े हाथ लिया. पूनिया ने कहा कि कोरोना की इस वैश्विक महामारी में बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग पर सभी को विशेष ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन कोरोना एडवाइजरी की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की सरकार और उनकी पार्टी के नुमाइंदों ने सबसे ज्यादा धज्जियां उड़ाई.

सतीश पूनिया ने कहा कि राजधानी में जनाजे में उमड़ी भीड़ किसी व्यक्ति के जनाजे की नहीं बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे तुष्टिकरण के जरिये कांग्रेस पार्टी खुद का ही जनाजा निकाल रही हो. पूनिया ने कहा कि जयपुर की सड़कों पर जनाजे में हजारों लोगों के हुजूम का जो नजारा दिखा, वो पहला मसला नहीं था.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के जिम्मेदार लोगों में से एक कैबिनेट मंत्री के पिताजी के जनाजे में इसी तरह से लोग इकट्ठे हुए थे. पूनिया ने कहा कि सोमवार को जयपुर में भी वही हुआ. ऐसी अनकों घटनायें कांग्रेस के लोगों की उपस्थित में हुई हैं.

पूनिया ने कहा कि बहुत बार देखा कि कांग्रेस और सरकार के जिम्मेदार लोग बिना मास्क के शादियों में शिरकत करते हैं और इस वजह से संक्रमण भी अनियंत्रित हुआ, जिसे गहलोत सरकार रोकने में विफल रही. पूनिया ने कहा कि लॉकडाउन को लेकर राज्य सरकार केवल प्रयोग करती रही, लंबे-लंबे नाम रखती गई, लेकिन उसका पालन सख्ती से नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि जब सरकार का इकबाल खत्म होता है, मुखिया जब निरपेक्ष नहीं होता है, तो इस तरीके की घटनाएं होती हैं. पूनिया ने जयपुर की घटना को भी सरकार के तुष्टिकरण का बड़ा सबूत बताया. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ तो बसेडी में पूर्व विधायक सुखराम कोली ने सुंदरकाण्ड का पाठ अपने घर पर किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और दूसरी तरफ मंत्री सालेह मोहम्मद के पिताजी के जनाजे में लोगों की भीड़ थी, लेकिन उन पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई. 
पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार में ईमान होता तो शायद ये नहीं होता. 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर पुलिस को पूरी तरह जिम्मेदार बताना न्याय संगत नहीं होगा. पूनिया ने कहा कि पुलिस तो निर्देशों का पालन करती है और जनाजे में इतनी भीड़ आने की अनुमति देकर सरकार ने अपनी कमजोरी दिखाई.

उन्होंने कहा कि जयपुर में उमड़ी भीड़ की घटना कोरोना के कुप्रबंधन के प्रति सरकार के नजरिए व उदासीनता को भी दिखाती है.