News in Brief

Bettiah: बेतिया में बीते तीन दिनों से बारिश हो रही है. यह वजह है कि जिले में कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. जलजमाव व कीचड़ से परेशान लोगों का गुस्सा जब जवाब देने लगा तो लोग सड़क पर उतर आए. इसके बाद लोगों ने मुखिया और प्रखंड प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया.

दरअसल, योगापट्टी प्रखंड के पिपरा नौरंगिया पंचायत के गोबरहिया गांव में बारिश के पानी से जलजमाव की समस्या हो गई है. जानकारी के अनुसार, 2014 में पीसीसी सड़क और नाली का निर्माण हुआ था. बावजूद इसके सड़कों पर पानी जमा होने से गांव कीचड़ में तब्दील हो गया है इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियां हो रही हैं. इस वजह से लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया.

बता दें कि गोबरहिया गांव के वार्ड आठ में जलजमाव से लोगों को काफी परेशानियां हो रही हैं ग्रामीण का कहना है कि शीघ्र ही जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं होता है तो लोग योगापट्टी प्रखंड मुख्यालय पर वृहद रूप से धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे.

ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद भी प्रशासन द्वारा इस समस्या की अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते राहगीरों व दुकानदारों को आने जाने में काफी दिक्कतें होती हैं. गांव में जलजमाव से राहगीर और चालक आए दिन गिरकर चोटिल होते रहते हैं.

स्थानीय ग्रामीण भरत ठाकुर ने बताया कि गांव में पीसीसी का निर्माण 2014 में हुआ था जो हमेशा पानी लगा रहता है स्थानीय लोगों को आने जाने में काफी दिक्कत होती है बरसात के दिनों में हम लोग घर में दुबक कर रहते हैं.

अन्य ग्रामीणों ने बताया कि ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारियों के पास आवेदन देकर गुहार लगाया गया लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है. जलजमाव के कारण 20 घरों के पानी का निकासी रुका हुआ है जो कि पीसीसी के ऊपर 3 फीट पानी हमेशा रहता है स्थानीय मुखिया प्रहलाद महतो के पास मौखिक लिखित कई बार देने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जाता है.

ये भी पढ़ें- शादी से पहले पिता से नाराज हो गए थे नीतीश कुमार, फिर फणीश्वरनाथ ने भेजा था अपनी बेटी से विवाह का प्रस्ताव

वहीं, स्थानीय मुखिया प्रह्लाद महतो ने ग्रामीणो द्वारा किए गए अतिक्रमण को जलजमाव का मुख्य कारण बताया है और वार्ड सदस्य के जेल होने के कारण कार्य प्रभावित होने का दलील दिया है. बता दें कि महज 5 वर्षों के निर्माण के बावजूद सड़क और नाली निर्माण कार्य लोगों के लिए जल निकासी में मुसीबत बन गया है जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और कार्यशैली पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.

अब देखने वाली बात होगी कि महामारी के बीच जलजमाव से निजात दिलाने की पहल जन प्रतिनिधियों और प्रशासन द्वारा कब तक की जाती है जिसका लोगों को इंतजार है. 

(इनपुट- इमरान)