
Ranchi: झारखंड में कोरोना (Corona) वैक्सीन पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच राज्य के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने साफ कर दिया है कि 18 से 44 वर्ष के लोगों के वैक्सीन (Vaccine) के लिए 250 करोड़ रुपए का अग्रिम प्रावधान किया है. वहीं, 47 करोड़ में 6.21 लाख डोज खरीदे भी गए हैं.
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राज्य सरकार केंद्र से सबके लिए मुफ्त वैक्सीन की मांग को लेकर चिट्ठी लिख चुकी है. तो वहीं, वैक्सीन के केंद्र और राज्य को मिलने वाले अलग-अलग कीमत पर भी सवाल उठा चुके हैं. इधर, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) ने कहा कि ‘केंद्र से मुफ्त वैक्सीन को लेकर हमने पत्राचार किया था. उस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘अब देखना यह है कि कब तक पीएम को सहानुभूति आती है.’
उन्होंने कहा कि ‘साढ़े 6 करोड़ डोज विदेश और पाकिस्तान को 45 लाख डोज भेजे जा सकते है, तो क्या झारखंड के लोगों को वेक्सीनेट होने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है. अब देखना है कब पीएम को इसकी चिंता होगी.’ वहीं, उन्होंने कहा कि ‘फिर भी यदि वह नहीं भी देगें तो राज्य सरकार अपने पैसे से अपनी जनता को फ्री वैक्सीनेशन करेगी.’
इधर, बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने कहा कि ‘पहले खुद ही कह रहे थे कि फ्री ऑफ कॉस्ट वैक्सीन देगें, फिर चिट्ठी क्यों लिख रहे हैं. किसने उनको बोला था ऐसे बोलों, अचानक यू-टर्न लिए है. यह तो राजनीति ही है क्योंकि उनको पता है कि सब कीमत और इतने लोगों को वैक्सीन देना है. तो इतनी राशि खर्च होगी.’
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उन्होंने कहा कि ‘केंद्र के स्वास्थ्य मंत्री ने इनके पत्र का जवाब भी दिया है. यह मामला केंद्र सरकार (Central Government) का है. स्वास्थ्य राज्य सरकार का विषय और राज्य सरकार को राजनीति ना कर काम करना चाहिए.’ वहीं, उन्होंने कहा कि ‘जहां जरूरत हो तो विनम्रता से बात करना चाहिए. यहां तो देश के पीएम बात करते हैं, तो उनका मखौल उड़ाते हैं.’
