
Motihari: एक तरफ कोरोना (Corona) टीका को लेकर मारा-मारी के साथ किल्लत भी है. वहीं, दूसरी तरफ मोतिहारी में टीके की बर्बादी हो रही है. मोतिहारी के रक्सौल में मरीजों की स्थिति पहले से बेहतर है, पर विगत एक सप्ताह से रक्सौल शहर में एक और चार ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण केन्द्र (Vaccination Centre) चल रहे है. रक्सौल प्रखण्ड में कुल पांच टीकाकरण केंद्र चल रहे हैं.
ये भी पढ़ेंः बेतिया में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खस्ता! केंद्रों पर डॉक्टर नहीं, मरीज इलाज के लिए हाल-बेहाल
यहां 45 से अधिक उम्र वाले लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है. वहीं, केंद्र पर टीका होने के बाद भी समय पर लाभुक पहुंच नहीं रहे है. इससे रोज 4 से 5 डोज वैक्सीन नष्ट हो रही है.
साथ ही, रक्सौल में 18 से अधिक के उम्र के लोगों में तो टीकाकरण को लेकर जागरूकता नजर आ रही है. लेकिन 45 से अधिक उम्र वाले लोग वैक्सीनेशन को लेकर लापरवाही कर रहे है. इससे सक्रंमण बढ़ने का खतरा दिख रहा हैं.
ये भी पढ़ेंः कोरोना वैक्सीन को लेकर SDM ने संभाला मोर्चा, टीका लगवाने की लोगों से की अपील
वहीं, नियम के अनुसार है कि दस लाभुक को टीकाकरण केन्द्र पहुंचने के बाद ही एक भायल खोलना है. इससे एक साथ 10 लाभुक को वैक्सीन दिया जा सकें. लेकिन ग्रामीण इलाकों में ऐसा नहीं करने से डोज बर्बाद हो रही है. साथ ही वैक्सीन बर्बाद होने के पीछे लाभुकों के नहीं पहुंचने को बड़ी वजह बताया जा रहा है.
(इनपुट-पंकज कुमार)
