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Ranchi: कोरोना महामारी के बीच शुक्रवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 33 प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुहर लगा दी गई है. बैठक के बाद कैबिनेट सचिव वंदना डादेल ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यान भोजन बनाने वाली रसोइया सह सहायिका को अब 2 हजार रुपये मिलेंगे.

बता दें कि इससे पहले मध्यान भोजन बनाने वाली रसोइया सह सहायिका को 1 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाता था. साथ ही राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने कोविड 19 से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों व डॉक्टरों को 1 माह के मानदेय राशि की स्वीकृति दी है.

रिम्स के शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक चिकित्सकों के वेतन पुनरीक्षण की स्वीकृति भी दी गई है. इसके अलावा, ऊर्जा विभाग ग्रामीण उपभोक्ताओं को वन टाइम सेटलमेंट योजना की स्वीकृति मिली है.  
हेमंत सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिये 100 करोड़ की स्वीकृति दे दी है.

शुक्रवार को हुई बैठक में झारखंड सरकार ने उत्पाद एवं मध निषेध विभाग को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए. अब राज्य में थोक शराब की बिक्री निजी हाथों में देने का फैसला लिया गया है. 
इस बैठक में एक अहम फैसला यह भी लिया गया है कि झारखंड राज्य वेबरेज कारपोरेशन को सरकार समाप्त करेगी.

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राजधानी रांची के गेतलसूद में 100 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लेट लगाने का फैसला लिया गया है. रूंगटा माइंस को सरायकेला व खरसावां जिले में चार जगहों पर 30 साल के लीज बंदोबस्ती पर देने का सरकार ने मन बना लिया है.

साथ ही रिम्स में सिटी स्कैन मशीन खरीदने के लिये नियम को शिथिल किया गया है, जिससे समय पर चिकित्सा के लिए अति आवश्यक संसाधन खरीद हो सके.