
आकाश द्विवेदी/भोपाल: मध्यप्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर (जूडा) और सरकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है. शुक्रवार को सरकार के निर्देश पर GMC के डीन को इस्तीफा देने वाले 28 जूनियर डॉक्टरों के इस्तीफे मंजूर कर हॉस्टल खाली करने के नोटिस जारी कर दिए. अब इसके बाद जूनियर डॉक्टर उनसे अपील कर रहे है कि उन्हें यहां रहने की मोहलत दी जाए.
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दरअसल पहले अति उत्साह में सभी जूनियर डॉक्टरों का इस्तीफा देना, उनपर ही भारी पड़ता नजर आ रहा है. डीन के हॉस्टल खाली करने के नोटिस के बाद अब जूनियर डॉक्टर डीन के आगे गिड़गिड़ा रहे है कि उन्हें इस हॉस्टल से न निकालें.
हमारा कोई नहीं है, कहां जाए हम ?
डीन के इस आदेश के बाद अब सभी जूडा अपील कर रहे है कि उनसे हॉस्टल न खाली कराएं. ऐसी कोरोना की हालत में हम कहां जाएंगे. हमारा इस शहर में कोई जान पहचान वाला भी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें कुछ समय की मोहलत दी जाए इसके बाद हम खाली कर देंगे.
कोरोना सर्टिफिकेट लौटा देंगे
वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा का कहना हैं कि हम सरकार की तरफ से डॉक्टरों को कोरोना वॉरियर्स के दिए सर्टिफिकेट लौटाएंगे. सरकार हमें कोरोना महामारी में मरीजों की सेवा करने का इनाम दे रही है.
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मंत्री बोले- हम बातचीत के लिए तैयार हैं
उधर चिकित्सा व शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का कहना हैं कि जुडा की हड़ताल पर सरकार अपने स्टैंड पर कायम है. सरकार के द्वार अभी भी खुले हुए हैं. हम बातचीत के लिए तैयार हैं.
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