
Patna: कोरोना महामारी की मॉनिटरिंग कर रही पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ को जन्म-मृत्यु के रजिस्ट्रेशन की विस्तृत जानकारी बिहार सरकार ने दी.इस दौरान चीफ जस्टिस संजय करोल की खण्डपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य जनहित मामलों पर सुनवाई कर रहे थे.
राज्य सरकार ने दी जानकारी
राज्य सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस काम के लिए बिहार में कुल 9143 यूनिट हैं. इनके द्वारा जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन किया जाता है. ये नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, सरकारी अस्पतालों के उपाधीक्षक व अन्य ग्रामीण अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, कल्याण विभाग की आंगनबाड़ी सेविका आदि हैं.
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उन्होंने आगे बताया कि ये रजिस्ट्रार अथवा उप रजिस्ट्रार के रूप में कार्यरत होकर जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन करते हैं. यह प्रक्रिया ऑनलाइन भी की जा सकती है.इसके अलावा बिहार के 38 जिलों में हुए जन्म-मृत्यु अप्रैल का विस्तृत विवरण भी अदालत को दिया गया.
इस दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि पटना में अप्रैल में कुल 17065 जन्म का रजिस्ट्रेशन हुआ है जबकि 4931लोगों की मृत्यु रजिस्ट्रेशन किया गया है. इसके अलावा अप्रैल में बिहार में कुल 3,05,744 लोगों के जन्म का रजिस्ट्रेशन हुआ है, वहीं 40,917 लोगों की मृत्यु का भी रजिस्ट्रेशन किया गया है.
