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Patna: राज्य के CM नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अध्यक्षता में बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने इस वर्ष मॉनसून सत्र के दौरान वर्षा का पूर्वानुमान तथा पिछले 10 वर्ष के वर्षापात की स्थिति की जानकारी दी. 13-14 जून तक बिहार में मॉनसून आने की संभावना है. जून में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है.

सीएम ने कई विभागों से ली जानकारी

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण से संभावित बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी. मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ आपदा प्रबंधन किया जाएगा. बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. नाव, पॉलिथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशुचारा आदि के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी. 

जल संसाधन के सचिव संजीव हंस, पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, लघु जल संसाधन के प्रधान सचिव रवि मनु भाई परमार, नगर विकास एवं आवास के प्रधान सचिव आनंद किशोर, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव, कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन के सचिव एन सरवन कुमार ने बाढ़-सुखाड़ की स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. 

इसके अलावा सभी जिलों के डीएम ने तैयारियों के सम्बंध में जानकारी दी. 

कोरोना के कारण विशेष परिस्थिति

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना की विशेष परिस्थिति है. इसको ध्यान में रखते हुए संभावित बाढ़ की पूरी तैयारी रखनी है. बाढ़ में प्रभावित क्षेत्रों का टीम बनाकर सही आकलन करवाएं. प्रभावित परिवारों की सूची बनाते समय पूरी पारदर्शिता बरती जाए. कोई भी लाभ से वंचित न रहे. कोई भी वास्तविक हकदार लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करें.  बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों में लगाए जाने वाले सभी लोगों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं. 

उन्होंने आगे काह कि कम्युनिटी किचन, राहत शिविर में काम करने वाले लोगों, विभिन्न विभागों में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य करने वाले सभी लोगों का टीकाकरण करायें. बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत शिविर में आने के बाद उनकी कोरोना जांच अवश्य कराएं. अगर कोई कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उन्हें राहत शिविरों में अलग से आइसोलेट कर उनके इलाज की समुचित व्यवस्था रखें. 

जागरूकता अभियान शुरू की जाएं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा हेतु बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण करें. बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी हेतु विशेष सतर्कता बरती जाए. इसके लिये गश्ती कार्य नियमित रुप से किये जायें. निगरानी कार्य में लगाये जाने वाले लोगों का विशेष प्रशिक्षण कराएं. जल संसाधन विभाग इसे सुनिश्चित कराये. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नावों की पर्याप्त उपलब्धता रखें. 

CM ने आगे कहा कि गड्ढ़े में वर्षा का पानी भर जाने पर बच्चों के डूबने की घटना की आशंकाओं के मद्देनजर मुख्य सचिव संबंधित विभागों से बातकर जागरूकता अभियान चलवायें ताकि बच्चों के डूबने की घटनायें न हों.

 पर्याप्त मात्रा में दवा हो उपलब्ध 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव दवा, पशु दवा, सांप काटने की दवा, कुत्ता काटने की दवा, ब्लीचिंग पाउडर, डायरिया की दवा, हैलोजन टेबलेट आदि की पर्याप्त उपलब्धता रखें. पथ निर्माण व ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मत की पूरी तैयारी रखें. डायवर्सन का सुदृढ़ीकरण करायें. 

उन्होंने आगे निर्देश देते हुए कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल/पुलियों की मरम्मत 15 जून तक पूरा करें. पुल/पुलियों की साफ-सफाई भी मॉनसून के पहले पूरा करें. नवगठित नगर निकायों में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चत करें. 

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पशुओं के लिए समुचित व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैटल ट्रफ की समुचित व्यवस्था, पशुचारा, बाढ़ राहत सामग्री, दवा के साथ-साथ अन्य चीजों की उपलब्धता को लेकर पूरी तैयारी रखें. 13 जून के पूर्व सारी तैयारी रखें. आपदा प्रबंधन विभाग सतत अनुश्रवण करता रहे और हर चीजों पर नजर बनाए रखें.