News in Brief

Jaipur: राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) की सियासत में फिर से तूफान की तैयारी है. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) सियासी घमासान के दौरान बनाई गई सुलह कमेटी की ओर से कोई एक्शन नहीं लेने पर नाराजगी जताई है. 

यह भी पढे़ं- कोरोना में मदद के लिए जुटे सचिन पायलट, ट्विटर पर कर रहे समस्या का निस्तारण

पायलट ने कहा है कि दस महीने बीत जाने के बाद भी पार्टी के लिए खून पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को उनका हक नहीं मिल रहा है. सचिन पायलट के ताजा बयान से एक बार फिर कांग्रेस की अंदरूनी सियासत गर्मा गई है. 

यह भी पढे़ं- टोडाभीम विधायक का बड़ा बयान, देश में Congress सरकार होती तो हालात चीन से बेहतर होते

राजस्थान में पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद बनी कांग्रेस की तीन सदस्यीय सुलह कमेटी की अब तक रिपोर्ट नहीं आने पर कांग्रेस में एक बार फिर विरोध के सुर उठने शुरू हो गए हैं. पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट ने उनसे किए गए वादे पूरे नहीं होने पर नाराजगी जताई है.

सचिन पायलट ने जाहिर की नाराजगी
सचिन पायलट ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 10 महीने हो गए हैं और उनसे किए वादे पूरे नहीं किए हैं. पायलट ने कहा, ‘मुझे कहा गया था कि सुलह कमेटी तेजी से एक्शन लेगी, लेकिन आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है और वे मुद्दे अब भी अनसुलझे ही हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी को सत्ता में लाने के लिए रात-दिन मेहनत की और अपना सब कुछ लगा दिया, उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है. ‘

पायलट का बयान ऐसे वक्त आया है, जब उनके एक समर्थक हेमाराम चौधरी ने इलाके के विकास के कामों की अनदेखी के मुद्दे पर 18 मई को इस्तीफा दे दिया था. वहीं, दो दिन पहले सचिन पायलट खेमे के विधायक पीआर मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट की तीन महीने बाद जमकर तारीफ की है. अब सचिन पायलट के ताजा बयान के बाद उनकी नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है.

इस बारे में क्या कहना है कांग्रेस अध्यक्ष का
इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. डोटासरा ने कहा कि पार्टी आलाकमान का मामला है. राजस्थान में जून में ही जिला स्तर की राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी.

क्या है यह पूरा मामला
दरअसल, पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद 11 अगस्त को कांग्रेस ने केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल (Ahmed Patel) और अजय माकन (Ajay Maken) को शामिल करते हुए एक कमेटी बनाई थी. इस सुलह कमेटी का काम सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की मांगों को सुनकर उसके आधार पर हाईकमान को रिपोर्ट देना था.

10 माह के बाद भी रिपोर्ट का अता-पता नहीं
कमेटी के एक मेंबर अहमद पटेल का देहांत हो चुका है. इस कमेटी को बने 10 माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसकी रिपोर्ट का अता-पता नहीं है. सचिन पायलट ने उस वक्त ही कहा था कि यह कमेटी तत्काल रिपोर्ट देगी लेकिन अब मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से पायलट खेमे का सब्र जवाब दे रहा है. पायलट के इस बयान से उनकी बैचनी समझी जा सकती है लेकिन उम्मीद है कि पंजाब कांग्रेस के मसले को सुलझाने के बाद आला कमान राजस्थान के मुद्दों पर ध्यान देगा.