
IND W vs SL W: भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 3-0 से अजेय बढ़त बनाने के बाद प्लान चेंज किया. कप्तान हरमनप्रीत कौर बेंच पर बैठी प्लेयर्स को मौका देने की फिराक में रहीं. लेकिन स्मृति मंधाना फॉर्म में देर से आईं लेकिन इतनी दुरुस्त आईं कि टीम की एक खिलाड़ी बेंच पर ही बैठी रह गई. हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद इस बारे में खुलकर बात की. उन्होंने पूरा दोष किस्मत पर डाल दिया क्योंकि स्मृति और शेफाली ने खूंटा गाड़कर श्रीलंका को विकेट की भीख मांगने पर मजबूर कर दिया था.
162 पर गिरा पहला विकेट
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा दोनों ने आतिशी हाफ सेंचुरी ठोकी. शेफाली ने 12 चौकों और एक छक्के की बदौलत 46 गेंद में 179 रन की पारी खेली. वहीं, स्मृति मंधाना ने 11 चौकों और 3 छक्कों के दम पर 48 गेंद में 80 रन ठोके डाले. पहला विकेट 162 के स्कोर पर गिरा जो 16वें ओवर में आया. तीसरे नंबर पर हरमनप्रीत कौर ने हरलीन देओल को उतारने का प्लान बनाया था, लेकिन देरी से विकेट गिरने के चलते उन्होंने ऋचा घोष को मौका दिया. ऋचा ने 16 गेंद में 4 चौके और 3 छक्के जमाकर फटाफट 40 रन ठोक दिए और टीम के स्कोर को 221 तक पहुंचा दिया.
क्या बोलीं कप्तान कौर?
हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘हमारे पास समय कम था, इसलिए मैं चाहती था कि सब लोग टाइम पर आएं, मैं नहीं चाहती था कि आखिरी ओवर में तीन फील्डर बाहर हों. मैं इतने सालों से क्रिकेट खेल रही हूँ, इसलिए मैं हर मैच के बाद बेहतर करने की कोशिश करती हूँ. हमें स्मृति और शेफाली को क्रेडिट देना चाहिए, जिस तरह से उन्होंने शुरुआत की और हमारे लिए चीज़ें बहुत आसान बना दीं.’
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हरलीन को बैटिंग देना चाहती थीं हरमनप्रीत
उन्होंने आगे कहा, ‘बाद में, मैं और ऋचा गेम खत्म करने के लिए थे. हमने सोचा था कि हम हरलीन को मौका देंगे, लेकिन बदकिस्मती से, जिस तरह से चीजें हुईं, हम बस ऋचा को पहले भेजना चाहते थे क्योंकि वह किसी और से बेहतर गेम खत्म कर सकती है. इसलिए, हमने हरलीन पहले भेजने के बारे में सोचा था, लेकिन फिर स्मृति और शेफाली की वजह से उसे बैटिंग करने का मौका नहीं मिला.’
