Benjamin Netanyahu: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब किसे क्या बोल जाएं इसका कोई भरोसा नहीं है, अक्सर देखा जाता है कि ट्रंप अपनी बातों को लेकर मुखर रहते हैं. बीते दिन ईरान और इजराइल में जंग हुई थी जिसमें अमेरिका ने भी ईरान पर अटैक किया था. अब ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी न्यूक्लियर और मिलिट्री कैपेबिलिटी को फिर से बनाना जारी रखता है तो US उस पर हमला कर सकता है. ट्रंप का ये बयान फ्लोरिडा में इजराइली प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद आया है.
पूरी तरह खत्म कर देंगे
इसके अलावा ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के बाद ईरान खुद को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिसने आखिरकार US को इस लड़ाई में खींच लिया है. साथ ही कहा कि अब मैं सुन रहा हूं कि ईरान फिर से ताकत बनाने की कोशिश कर रहा है और अगर ऐसा है, तो हमें उन्हें खत्म करना होगा और हम उन्हें पूरी तरह से खत्म कर देंगे.
तुरंत लेंगे एक्शन
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इजराइली हमले का सपोर्ट करेंगे तो ट्रंप ने जवाब देते हुए कहा कि वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को लेकर उसके खिलाफ एक्शन का सपोर्ट करेंगे. साथ ही कहा तेहरान अपनी न्यूक्लियर एक्टिविटी को आगे बढ़ाता है तो वह तुरंत एक्शन लेंगे.
स्थिरता को है खतरा
बता दें कि इस साल की शुरुआत में, US ने ईरान में तीन न्यूक्लियर फैसिलिटी पर बमबारी की थी. नेतन्याहू ने हाल के हफ्तों में चेतावनी दी है कि ईरान एक बार फिर अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को बढ़ा रहा है, उम्मीद है कि बातचीत के दौरान वह ट्रंप पर आगे की कार्रवाई पर विचार करने के लिए दबाव डालेंगे, उनका तर्क है कि ईरान के नए हथियारों के डेवलपमेंट से इजराइल और इलाके की स्थिरता को खतरा है.
डिप्लोमैटिक नतीजा पसंद करता है US
फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि वॉशिंगटन डिप्लोमैटिक नतीजा पसंद करता है. ईरान को एक डील करनी चाहिए, लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता. इस हफ्ते की शुरुआत में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में US और ईरान के बीच कहासुनी हुई थी. वॉशिंगटन ने कहा है कि वह सीधी बातचीत के लिए तैयार है, जबकि तेहरान ने US की मांगों को गलत और गैर-कानूनी बताकर खारिज कर दिया था.
