India-Bangladesh Tensions: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अपने उच्चायुक्त एम रियाज हामिदुल्लाह को परामर्श के लिए ढाका वापस बुला लिया. जानकारी के अनुसार, यूनुस सरकार ने ये निर्णय हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा करने के लिए लिया गया है.
सूत्रों के अनुसार, हामिदुल्लाह को बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय से तत्काल बुलावा मिलने के बाद वह सोमवार रात ढाका लौट आए. यह कदम भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बढ़े तनाव को लेकर चर्चा करने के लिए उठाया गया था. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ अत्याचारों की घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आ गया है. बता दें, दिसंबर में बांग्लादेश में दो हिंदू युवकों 29 वर्षीय अमृत मंडल और 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और इसके बाद से अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी गई थी. जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया था.
अल्पसंख्यकों के खिलाफ बांग्लदेश में बढ़ रही हिंसा
इस बीच, भारत ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों के खिलाफ हिंसा पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इन घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहा है और मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा करता है. भारत ने बांग्लादेश सरकार से इस हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इनका खारिज किया जाना या इसे राजनीतिक हिंसा के रूप में देखना गलत है.
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विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2900 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें हत्याएं, आगजनी और भूमि हड़पने जैसी घटनाएं शामिल हैं. इससे पहले, 17 दिसंबर को भारत ने बांग्लादेश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए हामिदुल्लाह को तलब किया था. भारत ने बांग्लादेश से यह भी आग्रह किया कि वह भारतीय मिशनों और दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और इस मुद्दे पर उचित जांच के साथ सार्थक सबूत साझा करें.
