Hawaiian island Kilauea volcano: प्रशांत महासागर के बीच स्थित हवाई द्वीप में एक बार फिर धरती अपनी ताकत दिखा रही है. जिसके चलते 10 जनवरी को अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (USGS) के अनुसार दुनिया की सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक किलाउएआ में तेज गतिविधि शुरू हो गई है.

किलाउएआ कैल्डेरा के भीतर मौजूद हलेमाउमाउ क्रेटर में बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है. क्योंकि ज्वालामुखी में गुंबद के आकार के लावा फव्वारे दिखाई दे रहे हैं, जो लगभग 50 फीट तक ऊपर उठते दिखाई दे रहे हैं. इतना ही नहीं लावे के फव्वारे से निकलने वाली चमकदार नारंगी रोशनी पूरे इलाके को रोशन कर रही है.

वैज्ञानिकों ने क्या कहा?
ये लावा फव्वारे सिर्फ देखने के लिए नहीं हैं, बल्कि क्रेटर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों से बह रहे लावे के प्रवाह को लगातार बढ़ा भी रही है. हालांकि, रातभर ज्वालामुखी सक्रिय रहा और बीच-बीच में पिघला हुआ लावा बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया.10 जनवरी की सुबह वैज्ञानिकों ने बताया कि ज्वालामुखी के अंदर होने वाले कंपन, जिन्हें वोल्कैनिक ट्रेमर कहा जाता है वो पहले से ज्यादा तेज हो गए हैं. इसके साथ ही लावा में गैस के बुलबुले फूटने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं, जिससे लावा के छोटे-छोटे टुकड़े हवा में उछल रहे हैं.

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एक्सपर्ट ने क्या कहा?
एक्सपर्ट का कहना है कि ये ज्वालामुखी में ये गतिविधि आने वाले बड़े विस्फोट का संकेत हो सकती हैं. अनुमान है कि एपिसोड 40 नाम का एक और ज्यादा शक्तिशाली लावा विस्फोट 14 जनवरी तक कभी भी शुरू हो सकता है. इसको लेकर USGS ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ये कभी भी हो सकता है. हालांकि, फिलहाल लावा ज्वालामुखी के ऊपरी हिस्से तक ही सीमित है, लेकिन किलाउएआ का स्वभाव काफी अनिश्चित माना जाता है. इसलिए प्रशासन और वैज्ञानिक हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. 

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