
उप राष्ट्रपति सचिवालय

कोयंबटूर में आयोजित ऐतिहासिक चिकित्सा कार्यक्रमों में उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र निर्माण मिशन के रूप में रेखांकित किया
उपराष्ट्रपति ने कहा, “स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है”उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी चिकित्सा संस्थान भी स्वस्थ भारत और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे
प्रविष्टि तिथि: 15 JAN 2026 7:39PM by PIB Delhi
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज कोयंबटूर में स्वास्थ्य सेवा से संबंधित दो प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया, जिनमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे निरंतर परिवर्तन को उजागर किया गया।
उपराष्ट्रपति ने कोवई मेडिकल सेंटर एंड हॉस्पिटल (केएमसीएच) में केएमसीएच इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज और ओपीडी ब्लॉक के साथ-साथ केएमसीएच मेडिकल कॉलेज पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। इसके बाद, उन्होंने कोयंबटूर के कोडिसिया हॉल में आयोजित श्री रामकृष्ण अस्पताल के स्वर्ण जयंती समारोह और रामकृष्ण डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की 25वीं वर्षगांठ के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
Vice President of India, Shri C. P. Radhakrishnan, inaugurated the KMCH Institute of Neurosciences & OPD Block and the KMCH Medical College Postgraduate Institute in Coimbatore today.
He lauded KMCH’s 35-year journey of service, innovation, and commitment to accessible… pic.twitter.com/QPSNzki6N8
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Vice-President of India, Shri C. P. Radhakrishnan, presided as the Chief Guest at the Golden Jubilee celebrations of Sri Ramakrishna Hospital and the 25th anniversary of Ramakrishna Dental College & Hospital in Coimbatore today.
Addressing the gathering, he praised the… pic.twitter.com/4QBYCX33cf
— Vice-President of India (@VPIndia) January 15, 2026
दोनों सभाओं को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये संस्थान इस बात के सशक्त उदाहरण हैं कि कैसे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा और करुणा मिलकर राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक सेवा क्षेत्र नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मिशन है।
उन्होंने सरकारी पहलों को पूरा करने और अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण निजी स्वास्थ्य संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि निजी चिकित्सा संस्थान, सरकारी संस्थानों के साथ मिलकर, भारत के स्वस्थ भारत और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देख रहा है।
आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य कार्यक्रम बनकर उभरा है, जो लगभग 5 करोड़ नागरिकों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करता है और गरीब परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करता है। उन्होंने देश भर में स्थापित स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल और गैर-संक्रामक रोगों के प्रबंधन सहित निवारक और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने पर भी प्रकाश डाला।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा पेशेवरों की कमी को दूर करना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले दशक में एमबीबीएस सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 2029 तक 75,000 और सीटें जोड़ने की योजना है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में देश भर में 300 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिससे चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख महानगरों से आगे जाना सुनिश्चित हुआ है।
केएमसीएच इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि तंत्रिका संबंधी विकार वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बढ़ती हुई चुनौती हैं। उन्होंने उन्नत न्यूरो-नेविगेशन और रोबोटिक सर्जरी सुविधाओं से सुसज्जित इस नए संस्थान को एक समयोचित और दूरदर्शी पहल बताया जो विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा को लोगों के करीब लाती है।
श्री रामकृष्ण अस्पताल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने संस्थान के 2016 में बनाए गए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की सराहना की, जब मात्र आठ घंटों में 13,206 से अधिक अंगदान प्रतिज्ञाएं एकत्र की गईं।
भारत की सभ्यतागत बुद्धिमत्ता पर जोर देते हुए श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय चिंतन में अच्छे स्वास्थ्य को हमेशा से सबसे बड़ा धन माना गया है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि “स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है”, और कहा कि स्वास्थ्य सेवा पर होने वाले खर्च को लागत नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य में निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों से बातचीत की और सभी को पोंगल की शुभकामनाएं दीं।
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पीके/केसी/पीएस/एसएस
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