How does US Thaad System work: अमेरिका और ईरान के बीच गरमागरमी बढ़ती जा रही है. अमेरिका ईरान के चारों ओर अपना सैन्य घेरा मजबूत करने में लगा है. इसके लिए वह एक विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस व्हिस्किंसन को पहले ही अरब सागर में तैनात कर चुका है और अब दूसरे विमानवाहक युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन को मलक्का जलडमरूमध्य से खाड़ी क्षेत्र की ओर शिफ्ट कर रहा है. इन दोनों युद्धपोतों पर करीब 200 खतरनाक लड़ाकू जहाज लदे हैं, जो किसी भी देश में तबाही मचा सकते हैं. इतना कुछ होने के बावजूद अमेरिका अंदर से थोड़ा डरा हुआ भी है. उसे ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों से अपने विमानवाहक युद्धपोतों के डूबने का डर है. इसीलिए अब उसने पश्चिम एशिया में मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD और पैट्रियट को तैनात करना शुरू कर दिया है.
US को ईरान के पलटवार का डर
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सेना को ईरान की ओर से जोरदार पलटवार का डर है. उसकी चिंता ईरान की ओर से इजरायल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य बेसों को निशाना बनाए जाने की धमकियों से भी बढ़ी हुई है. खासकर कुवैत, कतर, और सऊदी अरब में बने सैन्य बेस ईरान के सबसे बड़े निशाने हैं. इसलिए उन्हें ईरानी मिसाइलों से बचाने के लिए मजबूत मिसाइल डिफेंस तैनाती अमेरिकी सेना के लिए बहुत जरूरी हो गया है.
क्या है मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD?
अमेरिका का मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD एक ट्रांसपोर्टेबल सिस्टम है. जिसे ट्रक के जरिए कहीं भी ले जाकर तेजी से तैनात किया जा सकता है. इसमें एक हाईटेक रडार सिस्टम और इंटरसेप्टर भी लगा है. रडार जहां 3 हजार किमी दूर से आ रही दुश्मन की मिसाइलों, लड़ाकू विमानों और ड्रोन का पता लगाता है. वहीं इंटरसेप्टर उनकी लोकेशन, स्पीड चेक करके मिसाइल लॉन्चर को निर्देश भेजता है. इसके बाद दूरी और जरूरत के हिसाब से मिसाइलें निकलकर दुश्मन के एरियल ऑब्जेक्ट्स को मार गिराने के लिए झपट पड़ती हैं.
कैसे काम करता है ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम?
यह सिस्टम आमतौर पर एक बैटरी के साथ तैनात किया जाता है. इसमें 6 ट्रक लॉन्चर और 48 इंटरसेप्टर होते हैं. जरूरत के अनुसार, इस सिस्टम को C-17 और C-5 जैसे कार्गो विमानों के जरिए दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंचाया जा सकता है. वहां पहुंचने के 8 घंटे के भीतर इसे दुश्मन के खिलाफ तैनात किया जा सकता है. माना जा रहा है कि THAAD की तैनाती के जरिए अमेरिका सेना अपना नुकसान कम से कम करने की योजना बना रही है.
अमेरिकी वायुसेना बना रही ये बड़ी योजना
उधर ईरान के खिलाफ हमले की प्लानिंग आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी वायुसेना ने अब पश्चिम एशिया में कई दिनों तक चलने वाला युद्धाभ्यास करने की योजना बनाई है. इस अभ्यास के दौरान उसके लड़ाकू विमान विभिन्न एयर बेस और युद्धपोतों से उड़ान भरेंगे और ईरान के आसपास हमले की रिहर्सल करके वापस लौट आएंगे.
