Epstein Files Controversy: अमेरिका में जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी फाइलों को लेकर एक बार फिर हंगामा मच गया है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने एक दस्तावेज को कुछ समय के लिए अपनी वेबसाइट से हटा दिया था, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एप्सटीन का जिक्र था. बाद में इस फाइल को दोबारा अपलोड कर दिया गया, लेकिन इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आइए आपको बताते हैं.

क्या है पूरा मामला
यह दस्तावेज दरअसल एक स्प्रेडशीट थी जिसमें एफबीआई के नेशनल थ्रेट ऑपरेशन सेंटर में आई शिकायतों का सार दिया गया था. इन शिकायतों में जेफ्री एप्सटीन और डोनाल्ड ट्रंप का नाम सामने आया था. हालांकि दस्तावेज में साफ लिखा था कि इन शिकायतों की जांच या पुष्टि नहीं की गई थी. बताया गया है कि ये शिकायतें अलग-अलग समय पर की गई थीं, जिनमें से कुछ करीब 35 साल पुरानी भी थीं. 

16 फाइलें गायब
इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब रिपोर्ट सामने आई कि एप्सटीन से जुड़ी लाइब्रेरी से 16 फाइलें रिलीज के 24 घंटे के अंदर गायब हो गईं हैं. इस पर ट्रंप के न्याय विभाग पर सवाल उठने लगे कि आखिर ये फाइलें कहां गईं.

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ईमेल से हुआ खुलासा
ईमेल में कुछ नामों की लिस्ट मिली है. इस लिस्ट को भेजने वाले ने बताया कि इसमें उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने ट्रंप पर आरोप लगाए थे. यह लिस्ट FBI के एक खास सेंटर (NTOC) को भेजी गई थी. खबरों के मुताबिक इस लिस्ट में 16 लोगों की शिकायतें थीं और यह ईमेल 7 अगस्त 2025 को कुछ लोगों को भेजा गया था.

अन्य बड़े नाम भी शामिल
इन शिकायतों में सिर्फ ट्रंप का ही नहीं बल्कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और मशहूर सिंगर लिसा मैरी प्रेस्ली जैसे नाम भी सामने आए हैं. इससे मामला और संवेदनशील हो गया है. दस्तावेज के अनुसार कम से कम आठ लोगों ने शिकायत करते समय अपनी संपर्क जानकारी तक नहीं दी थी. वहीं एक नोट में यह भी लिखा गया था कि कुछ लोग सिर्फ दूसरों से सुनी हुई बातें बता रहे थे.

बता दें, एक शिकायत के जवाब में लिखा गया था कि कॉल करने वाले से बात की गई, जिसने किसी व्यक्ति को अपना दोस्त बताया. इसके बाद यह जानकारी वॉशिंगटन ऑफिस भेज दी गई ताकि इंटरव्यू लिया जा सके. हालांकि उस इंटरव्यू से क्या नतीजा निकला यह साफ नहीं है.

सवालों के घेरे में न्याय विभाग
फिलहाल इस पूरे मामले ने अमेरिकी न्याय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दस्तावेज हटाना, फिर दोबारा डालना और फाइलों का गायब होना, इन सबने विवाद को और गहरा बना दिया है. आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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