मिडिल ईस्ट में हालात पहले से ही बेहद संवेदनशील हैं और अब ईरान ने यूरोपियन यूनियन (EU) के खिलाफ बड़ा और आक्रामक फैसला ले लिया है. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर क़ालीबाफ ने ऐलान किया है कि ईरान अब EU की सभी सैन्य ताकतों को “आतंकी संगठन” मानता है. यह बयान रविवार को ईरानी संसद में दिया गया, जहां कई सांसद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की यूनिफॉर्म पहनकर पहुंचे. यह दृश्य अपने आप में एक सख्त संदेश माना जा रहा है.
किस बात पर भड़का ईरान?
Associated Press (AP) में छपी में रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को ईरान की संसद में बड़ा ड्रामा हुआ. स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ और कई सांसद IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के यूनिफॉर्म में बैठे थे, जैसे सब एकजुट होकर यूरोप को चुनौती दे रहे हों, कलीबाफ ने खड़े होकर कहा, “अब हम यूरोपीय संघ की सारी सेनाओं को आतंकी ग्रुप मानते हैं,” ये फैसला EU के उस कदम का सीधा जवाब है, जिसमें कुछ दिन पहले ही ईरान के सबसे ताकतवर फोर्स IRGC को टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित कर दिया गया था, EU का कहना था कि IRGC ने हाल के बड़े-बड़े विरोध प्रदर्शनों को खूनी तरीके से दबाया, जिसमें हजारों लोग मारे गए और पकड़े गए, इसी फैसले से ईरान नाराज़ है और उसने उसी अंदाज़ में जवाब दिया है. संसद को संबोधित करते हुए क़ालीबाफ ने कहा कि IRGC वह ताकत है जिसने यूरोप तक आतंकवाद फैलने से रोका है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश अमेरिका के दबाव में आकर अपने ही हितों के खिलाफ फैसले ले रहे हैं.
संसद में गूंजे तीखे नारे
कलीबाफ ने और तीखे लहजे में कहा, “IRGC ने तो यूरोप तक आतंक पहुंचने से रोका है. यूरोप ने अमेरिका की आंखों में धूल झोंककर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है. अपने लोगों के हितों के खिलाफ फैसला लिया है.” संसद में बयान के बाद ईरानी संसद का माहौल पूरी तरह गरमा गया. सदन में “डेथ टू अमेरिका” और “डेथ टू इज़राइल” जैसे नारे लगाए गए. इससे साफ है कि ईरान इस मुद्दे पर कोई नरमी दिखाने के मूड में नहीं है.
सिर्फ प्रतीकात्मक कदम या बड़ा संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह फैसला फिलहाल प्रतीकात्मक ज्यादा है. इससे पहले 2019 में भी, जब अमेरिका ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया था, तब ईरान ने जवाब में अमेरिकी सेना को आतंकी करार दिया था. हालांकि मौजूदा हालात ज्यादा गंभीर इसलिए हैं क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सख्त रुख दिखा रहे हैं.
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास
इसी बीच ईरान ने फारस की खाड़ी के अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में लाइव-फायर सैन्य अभ्यास का ऐलान किया है. इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल का व्यापार होता है. ऐसे में किसी भी टकराव का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
