Greece Action against illegal mosques: अमेरिका ईरान को कट्टरपंथी इस्लामिक शासन से मुक्त करना चाहता है. क्योंकि ये कट्टरपंथ सिर्फ ईरान के लिए नहीं, पूरी दुनिया के लिए खतरा है.  दुनिया के लिए खतरा बने कट्टरपंथ को कंट्रोल करने के लिए उत्तर प्रदेश का योगी मॉडल आदर्श बन गया है. यूरोप के एक देश ने कट्टरपंथियों और उनका आश्रय स्थल बनी अवैध मस्जिदों के खिलाफ योगी मॉडल की तर्ज पर ही एक्शन का ऐलान किया है. अब हम भारत से 6 हजार किलोमीटर दूर अवैध मस्जिदों के खिलाफ योगी मॉडल वाले एक्शन का विश्लेषण करेंगे. 

यूरोप के खूबसूरत देशों में शुमार ग्रीस धार्मिक उन्माद, हिंसा और कट्टरपंथ से परेशान हैं. कट्टरपंथियों को कंट्रोल करने के लिए ग्रीस की सरकार ने एथेंस में योगी मॉडल वाले एक्शन का ऐलान किया है. ग्रीस सरकार एथेंस में अवैध मस्जिदों की पहचान करने के लिए अभियान चला रही है.  इस अभियान के पहले चरण में 60 अवैध मस्जिदों की पहचान की गई है.  इन मस्जिदों को बंद कराया जाएगा और इन्हें चलानेवालों को ग्रीस से निकाला जाएगा.

ग्रीस अवैध मस्जिदों को चलाने वालों को निकालेगा बाहर

Add Zee News as a Preferred Source

आप सोच रहे होंगे कि अवैध मस्जिद चलाने वालों को निकाला क्यों जाएगा. यूरोपीय सभ्यता के सबसे पुराने शहरों में शामिल एथेंस में अवैध मस्जिदों के पीछे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिक हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश से ग्रीस पहुंचे इन कट्टरपंथियों ने एथेंस में जगह-जगह अवैध मस्जिदें बनाईं. ये मस्जिदें कट्टरपंथ का केंद्र और कट्टरपंथियों का आश्रय स्थल बन गई. ग्रीस कैसे कट्टरपंथ से लहुलूहान हुआ है हम आपको बताएंगे. लेकिन पहले आपको बताते हैं कि ग्रीस में धर्मस्थल से जुड़ा कानून क्या कहता है. किसी भी धार्मिक समूह को ग्रीस में धर्मस्थल बनाने के लिए संस्था को रजिस्टर्ड कराना होता है.  हर धर्मस्थल के लिए अलग-अलग मंजूरी लेनी होती है. धर्म स्थल बनाने के लिए आवेदन वही दे सकता है जो ग्रीस या यूरोपीय यूनियन का नागरिक हो. 

पाकिस्तानियों ने बिना कानूनी मंजूरी खड़ी कर दी है अवैध मस्जिदें

ग्रीस की आबादी में मुसलमान करीब 5 प्रतिशत है. इसमें से भी ज्यादातर तुर्की मूल के हैं और बाकी प्रवासी हैं. ग्रीस वो देश है जहां खुले हाथ और फैली उंगलियों से हाथ हिलाने को अपमानजनक माना जाता है. ऐसे देश में पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों ने बिना कानूनी मंजूरी के धड़ाधड़ अवैध मस्जिदें खड़ी कर दी. इन अवैध मस्जिदों के जरिए कट्टरपंथियों ने तीन हजार चार सौ साल पुराने शहर की पहचान और चरित्र को बदलने की साजिश की. अपनी ऐतिहासिक विरासत और पहचान पर गर्व करनेवाले ग्रीसवासियों के लिए ये बड़ा खतरा था. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे विन्सटन चर्चिल ने कहा है कि कट्टरपंथी वह है जो अपनी राय नहीं बदल सकता. 

पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और दूसरे इस्लामिक देशों से ग्रीस पहुंचनेवाले धार्मिक उग्रपंथियों के साथ ठीक यही हुआ. ये ग्रीस जैसे उदार देश में तो पहुंचे, वहां के संसाधनों को इस्तेमाल किया. लेकिन ग्रीस की उदारवादी सोच को नहीं अपनाया. उनकी कट्टर सोच नहीं बदली. नतीजा ये हुआ कि एथेंस के जिन इलाकों में पाकिस्तान और बांग्लादेशी मूल के लोगों की संख्या बढ़ी वहां शाम के बाद महिलाओं का जाना दुश्वार हो गया.

इन इलाकों में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा.

  • फिलिस्तीन और हमास के समर्थन में होनेवाले प्रदर्शनों की बाढ़ आ गई. 

  • ग्रीस की आबादी में प्रवासियों की संख्या 10 प्रतिशत है लेकिन अपराध में प्रवासियों की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत से ज्यादा है.

  • ग्रीस में कट्टरपंथी हिंसा यूरोपीय यूनियन में शामिल देशों में सबसे ज्यादा है. 

  • फरवरी 2025 में एथेंस में श्रम मंत्रालय के बाहर बम फटा. इसके पीछे कट्टरपंथियों की साजिश थी. 

  • अप्रैल 2025 में एक और सरकारी ऑफिस के बाहर बम धमाका हुआ. इसके पीछे भी कट्टरपंथियों की साजिश थी. 

  • 2024 में ग्रीस में तीन आतंकी हमले हुए. इन हमलों के तार कट्टरपंथियों से जुड़े. 

कट्टरपंथी हमेशा अपनी सोच को मानते हैं सही

अवैध कब्जा, अवैध निर्माण और धार्मिक उन्माद पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों के डीएनए में है. पाकिस्तानी और बांग्लादेशी कट्टरपंथ के ब्रांड एंबेसडर हैं. ये उन्माद वाले वायरस के चलते-फिरते संवाहक हैं. ये दुनिया में कहीं भी जाएं अपने साथ धार्मिक विद्वेष वाली सोच, महिला विरोधी मानसिकता और दूसरे धर्मों को अपमानित करनेवाली मानसिक बीमारी लेकर जाते हैं. प्रसिद्ध विद्वान बर्ट्रेंड रसेल ने कहा है कि दुनिया की पूरी समस्या यह है कि मूर्ख और कट्टरपंथी हमेशा खुद को पूरी तरह सही मानते हैं. 

पाकिस्तान और बांग्लादेशी कट्टरपंथी भी अपनी सोच और अपने मजहब को ही सही मानते हैं. एथेंस में पाकिस्तानी और बांग्लादेशी कट्टरपंथियों की संख्या बढ़ी तो धार्मिक उन्माद का विस्फोट हुआ. यूरोप के सबसे खूबसूरत शहर कहे जानेवाले एथेंस की छाती पर अवैध मस्जिदें उग आईं. जब हालात बेकाबू होने लगे तो ग्रीस सरकार एक्शन में आई. कट्टरपंथियों पर लगाम लगाने की शुरुआत अवैध मस्जिदों के खिलाफ एक्शन से हो रही है.

योगी सरकार जैसा मॉडल अपनाएगा ग्रीस?

अवैध मस्जिदों के खिलाफ ग्रीस सरकार का एक्शन वैसा ही है जैसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने अवैध मस्जिदों के खिलाफ अभियान चलाया था. अवैध मस्जिदों के खिलाफ योगी मॉडल और ग्रीस सरकार के मॉडल की कुछ समानताएं समझते हैं.  ग्रीस में शुरुआती दौर में अवैध मस्जिदों की पहचान की जा रही है. यूपी में भी योगी आदित्यनाथ ने पहले अवैध तरीके से बनाई गई मस्जिदों की पहचान की थी. अवैध मस्जिदों की पहचान के बाद ग्रीस सरकार उन्हें बंद कराएगी. आगे चलकर इन मस्जिदों को तोड़ा भी जा सकता है. योगी सरकार ने भी अवैध मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया था. 

अवैध मस्जिदों पर ग्रीस करेगा एक्शन

ग्रीस सरकार अवैध मस्जिद चलानेवालों पर कानूनी कार्रवाई करेगी. इन कट्टरपंथियों को पहले जेल भेजा जाएगा. फिर उनके देश वापस भेजा जाएगा. योगी सरकार ने भी अवैध मस्जिद बनानेवालों को जेल भेजा था. ग्रीस में अवैध मस्जिदों के पीछे सीधे-सीधे पाकिस्तान और बांग्लादेशी हैं. ठीक उसी तरह यूपी में नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में बनी अवैध मस्जिदों की फंडिंग पाकिस्तानी कट्टरपंथियों ने की थी. पाकिस्तान कट्टरपंथ और आतंकवाद का थोक निर्यातक है. ये प्रमाणित तथ्य है. अब बांग्लादेश भी पाकिस्तान के कट्टरपंथ वाले व्यापार का साझीदार बन गया है. आज ग्रीस में पाकिस्तानियों के खिलाफ जो एक्शन हो रहा है, वो इस साक्ष्य की अगली कड़ी है. मित्रो ये पहली बार नहीं है जब कट्टरपंथ वाले जहरीले विषाणु के प्रचार-प्रसार के आरोप में किसी देश ने पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों को देश निकाला दिया है. इससे पहले 2015-16 में सिंगापुर ने पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों को कट्टरंपथी हिंसा के आरोप में निकाला था. 

क्या कहते हैं आंकड़े?

2016 में ही सऊदी अरब ने करीब 40 हजार पाकिस्तानियों को देश से निकाला था. इनमें से कई पर कट्टरपंथी संगठनों से रिश्ते रखने का आरोप था. 2024 में UAE ने  पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को डिपोर्ट किया था. इन पर हिंसक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था. 2025 में मलेशिया ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को निकाला था. इनमें से पांच पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था. ग्रीस भी इसी रास्ते पर हैं. ग्रीस सरकार पहले कट्टरपंथ के केंद्र बन रही अवैध मस्जिदों को बंद कराएगी फिर इन्हें चलानेवाले पाकिस्तानियों और बांग्लादेशियों को बाहर निकालेगी. 

यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को कैसे क्रूड ऑयल ने किया प्रभावित? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय