DNA Analysis: अजेय दिखना आसान है लेकिन अजेय रहना आसान नहीं है और यही फर्क एक डर को जन्म देता है. अब ऐसा ही एक डर दशकों से दुनिया के सबसे शक्तिशाली मुल्क अमेरिका तक पहुंच गया है और वॉशिंगटन में बैठे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को परेशान कर रहा है. आज आपको अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का वो डर बहुत ध्यान से देखना चाहिए, जिसके बारे में उन्होंने खुद बताया है.

अमेरिका के जिस राष्ट्रपति ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी राजधानी से उनके घर से उठवा लिया, जो क्यूबा, कोलंबिया और पूरे यूरोप को बात-बात पर धमकाते हैं. जो ईरान के सबसे शक्तिशाली धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को चेतावनी देते हैं कि उनके पास खामेनेई के बेडरूम की लोकेशन भी मौजूद है. उन्हें खुद हत्या का डर सता रहा है. दुनिया को डराने वाले ट्रंप खुद क्यों डरे हुए हैं? ऐसा क्या हुआ कि वो सारी दुनिया को बता रहे हैं ईरान उनकी हत्या करवा सकता है.

ईरान को सता रहा अपनी हत्या का डर?

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डॉनल्ड ट्रंप तो ये भी कह रहे हैं कि उन्होने पहले ही अमेरिका की सेना को बता दिया है अगर उनकी हत्या हो जाए, तो ईरान को किस तरह तबाह करना है. यानी व्हाइट हाउस में बैठकर ट्रंप ने अपनी हत्या की साजिश के साथ साथ प्रतिशोध की स्क्रिप्ट भी लिख ली है. डॉनल्ड ट्रंप बेहद डरे हुए हैं. आज आपको डॉनल्ड ट्रंप के इस डर की असली वजह भी जाननी चाहिए. आज आपके लिए ये जानना भी जरूरी है कि क्या वाकई ईरान सबसे मजबूत सुरक्षा घेरे में रहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या करवा सकता है. ईरान के अंदर कौन-कौन सी एजेंसियां इस साजिश को अंजाम दे सकती हैं और ईरान से आए किन बयानों को डॉनल्ड ट्रंप अपनी हत्या की साजिश से जोड़ रहे हैं.

पूरी क्रोनोलॉजी समझिए 

  • जनवरी 2026 में यानी एक महीने पहले ईरान के सरकारी टीवी पर एक आक्रामक संदेश प्रसारित किया गया.

  • स्क्रीन पर जुलाई 2024 की वह तस्वीर दिखाई गई जिसमें पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली के दौरान गोली लगने के बाद डॉनल्ड ट्रंप घायल दिख रहे थे. उस पर लिखा था. इस बार गोली निशाने से नहीं चूकेगी.

  • सारी दुनिया को पता है. ईरान की सरकारी टीवी पर पूरी तरह इस्लामिक शासन का नियंत्रण है…इसीलिए तेहरान की ओर से ट्रंप के खिलाफ इसे सबसे स्पष्ट धमकी कहा जा रहा है

  • ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने भी अमेरिका को बड़ी धमकी दी है .

  • खामेनेई ने कहा अगर अमेरिका या उसके सहयोगी ईरान पर हमला करते हैं, तो जवाब ऐसा होगा जिसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा.

  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका से दूसरे राउंड की वार्ता के बाद आक्रामक बयान दिया.

  • उन्होंने कहा ईरान किसी भी आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ खुद की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. हमले के परिणाम सीमाओं से बाहर तक जाएंगे. हालांकि खामेनेई और अराघची ने सीधे सीधे ट्रंप पर हमला करने की बात नहीं कही

लेकिन ट्रंप दावा कर रहे हैं अमेरिकी की खुफिया एजेंसियों ने उनको बताया है. ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है. ट्रंप ने इसकी संभावित वजहें भी खुद बताई हैं. ट्रंप के मुताबिक, ईरान उनकी हत्या इसलिए करवाना चाहता है…

क्योंकि वो इरान को तेल नहीं बेचने दे रहे, इसके अलावा ईरान…ट्रंप को अपने परमाणु कार्यक्रम का सबसे बड़ा दुश्मन मानता है और ट्रंप के लगाए प्रतिबंधों की वजह से ईरान की इकोनॉमी ध्वस्त हो गई है. यानी ईरान की सारी परेशानियों की वजह सिर्फ डॉनल्ड ट्रंप हैं .

क्या ट्रंप को सता रहा डर?

ट्रंप ईरान द्वारा अपनी हत्या की साजिश की आशंका से इतने डरे हुए हैं कि उन्होंने साफ साफ कह दिया है, अगर ईरान ने ऐसा सोचा भी तो ईरान में कुछ नहीं बचेगा, लेकिन यहां पर आपके दिमाग में एक सवाल और उठ रहा होगा ? क्या वाकई दुनिया में सबसे मजबूत सुरक्षा वाले व्यक्ति की हत्या करवाई जा सकती है ? क्या ईरान के पास इतनी काबिलियत है की उसके एजेंट वॉशिंगटन में ट्रंप के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम दे सकें. आज आपको ईरान की उन खुफिया एजेंसियों के बारे में भी जानना चाहिए, जो देश के बाहर जाकर हाईप्रोफाइल टारगेट पर निशाना साधती हैं. 

  • इस लिस्ट में पहला नाम है…ईरान की खुफिया एजेंसी MOIS यानी Ministry of Intelligence and Security का. 

  • अगर मोसाद इजरायल के दुश्मनों को दुनिया भर में तलाश करके खत्म करती है, तो ईरान के लिए MOIS यही काम करती है. 

  • MOIS विदेशों में रह रहे ईरान के असंतुष्टों की निगरानी भी करती है और जरूरत पड़ने पर उनको खत्म भी कर देती है

  • कूटनीतिक और गुप्त नेटवर्क के जरिए ये एजेंसी हाईप्रोफाइल लोगों की जानकारी इकट्ठा करने में माहिर है.

  • लेकिन ट्रंप ईरान की जिस संभावित साजिश से डर रहे हैं, उसे ईरान की सबसे खतरनाक एजेंसी, कुद्स फोर्स रच सकती है. 

  • कुद्स फोर्स IRGC की विदेशी ऑपरेशन शाखा है, जिसे देश से बाहर दुश्मनों को खत्म करने के लिए तैयार किया गया है. 

  • ये एजेंसी विदेशों में सीक्रेट मिशन, हथियारों की सप्लाई और आतंकियों को प्रशिक्षण देने के लिए बदनाम है. 

यही वजह है अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को कुद्स फोर्स ट्रंप की जान के लिए सबसे बड़ा खतरा नजर आ रही है. आज आपको कुद्स फोर्स की सबसे खतरनाक यूनिट 840 के बारे में भी जानना चाहिए. जिसके बारे में कहा जाता है. इसकी गतिविधियों के बारे में इसके एजेंटों के साए को भी पता नहीं चलता.

  • यूनिट 840 कुद्स फ़ोर्स की सबसे गोपनीय सेल है, जो विदेशों में हाई वैल्यू टारगेट को निशाना बनाती है.

  • यूनिट 840 अपने टारगेट को निशाना बनाने के लिए किराए के हत्यारों को सुपारी भी देती है.

  • इस यूनिट ने अमेरिका के पूर्व एनएसए जॉन बोल्टन की हत्या की साजिश रची थी. इसके लिए पेशेवर हत्यारे को 10 लाख डॉलर की पेशकश की गई थी. हालांकि साजिश सफल नहीं हुई.

  • पश्चिमी देशों में हत्या की साजिश के लिए यूनिट 840 मैक्सिकन ड्रग कार्टेल जैसे आपराधिक नेटवर्क से संपर्क साध चुकी है.

  • यूनिट 840 के एजेंट भेष बदलकर घुसपैठ करने में माहिर हैं . पूर्व ईरानी प्रधानमंत्री शापूर बख्तियार के घर में एजेंट इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी बनकर दाखिल हुए और उसकी हत्या कर दी.

  • अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में यूनिट 840 ने व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिए भर्ती की . और टागरेट को खत्म किया .

  • इसके अलावा ईरान की इस यूनिट के एजेंट सीधे खुले स्थान पर टारगेट को स्नाइपर राइफलों से गोली मारकर भी खत्म कर देते हैं .

कई देशों में ईरान की एजेंसियां चला चुकी हैं सफल ऑपरेशन

इसका मतलब ईरान की खुफिया एजेंसी MOIS और कुद्स फोर्स के पास विदेशों मे हाईप्रोफाइल टारगेट को खत्म करने का अनुभव है. इससे पहले जर्मनी, इराक, कनाडा जैसे देशों में ईरान की एजेंसियां सफल ऑपरेशन भी कर चुकी हैं. लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर डॉनल्ड ट्रंप की सुरक्षा बहुत कड़ी है और उन पर हमले का परिणाम काफी घातक हो सकता है. जिसकी चेतावनी ट्रंप दे चुके हैं. हालांकि इससे पहले 3 बार ट्रंप की हत्या की साजिश रची जा चुकी है. लेकिन तब वो पूर्व राष्ट्रपति और चुनाव में राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी थे.

  • ट्रंप पर सबसे पहले 13 जुलाई 2024 के दिन पेंसिल्वेनिया में चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा हमला हुआ.

  • रैली के दौरान 20 साल के हमलावर थॉमस मैथ्यू ने ट्रंप पर राइफल से गोली चलाई. जो ट्रंप के कान को छूते हुए निकली.

  • इस हमलावर को सीक्रेट सर्विस ने मार गिराया. लेकिन अधिकारियों ने कहा उसका ईरान से संबंध नहीं था.

  • 15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा में गोल्फ कोर्स के पास एक हथियारबंद व्यक्ति पकड़ा गया. एजेंसियों के मुताबिक वो ट्रंप पर हमला करने आया था. लेकिन इसका भी विदेशी संपर्क नहीं मिला.

  • इसके बाद नवंबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिश का खुलासा किया…ये साजिश सफल नहीं हो पाई . फिलहाल ये मामला कोर्ट मे है.

इससे पहले अमेरिका के 4 राष्ट्रपतियों की हत्या हो चुकी है. जिसमें अब्राहम लिंकन, जेम्स ए. गारफील्ड, विलियम मैकिन्ले और जॉन एफ. कैनेडी का नाम शामिल है. लेकिन इन सभी हत्याओं में किसी विदेशी एजेंसी का नाम सामने नहीं आया था. लेकिन इस बार डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. जिसका साफ मतलब है. ईरान के चारों तरफ सबसे शक्तिशाली हथियारों को तैनात करने के बावजूद उसका सरेंडर नहीं करना अब ट्रंप को डरा रहा है.