
America-Iran Conflict: खाड़ी देशों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका की और से ईरान पर जल्द ही कोई बड़ा सैन्य अभियान चलाया जा सकता है. अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है अगर राजनयिक प्रयास असफल होते हैं तो आने वाले दिनों में बड़ा संघर्ष छिड़ सकता है, जो कई हफ्तों तक चल सकता है. ‘एक्सिओस’ की रिपोर्ट के मुताबिक यह अभियान बीते महीने वेनेजुएला में किए गए सटीक अभियान से कहीं ज्यादा बड़ा होगा. वहीं अमेरिका इस अभियान को इजरायल के साथ मिलकर चलाएगा, जिसमें ईरान के परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर टारगेट होंगे.
जंग में उतरेंगे ईरान-अमेरिका?
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ के साथ बातचीत में इजरायल के रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैन्य खुफिया प्रमुख अमोस यादलिन ने कहा,’ पिछले हफ्ते मैंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए उड़ान भरी थी. इस वीकेंड इजरायल से बाहर उड़ान भरने के बारे में मैं 2 बार सोचूंगा.’ वहीं नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर फर्म के चीफ याडलिन ने आगे कहा,’ हम पहले की तुलना में कहीं अधिक करीब हैं, लेकिन मैं आपको याद दिला दूं कि कोई महाशक्ति कुछ ही दिनों में युद्ध नहीं छेड़ देती. एक कूटनीतिक मार्ग है जसे पूरी तरह से अपनाना होगा. कई लोग इस हमले का विरोध कर रहे हैं. पेंटागन को यह स्पष्ट नहीं है कि वे इससे क्या हासिल करना चाहते हैं. राष्ट्रपति बेहद अडिग हैं. यह बयान कि सभी विकल्प खुले हैं एक विश्वसनीय सैन्य खतरे पर आधारित है, जो ईरान के तट और आसमान में की जा रही तैयारियों के साथ-साथ सामने आया है.’
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नहीं बनी बात?
मंगलवार 17 फरवरी 2026 को अमेरिकी सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से 3 घंटे तक मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने बातचीत में प्रगति होने की बात कही, लेकिन इसको लेकर US ऑफीशियल चीफ अभी भी संशय में हैं. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा,’ बातचीत कुछ मायनों में अच्छी रही, लेकिन अन्य मायनों में यह साफ था कि राष्ट्रपति ने कुछ ऐसी सीमाएं तय कर रखी हैं जिन्हें ईरानी अभी स्वीकार करने और उन पर काम करने को तैयार नहीं हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति समझौता चाहते हैं, लेकिन कूटनीति अपने स्वाभाविक अंत तक पहुंच चुकी है.
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अमेरिका ने तैनात कर दिए हथियार
‘एक्सिओस’ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने संघर्ष को लेकर खाड़ी देशों में अपनी सैन्य उपस्थिति काफी मजबूत कर दी है. यहां 2 एयरक्राफ्ट कैरियर, 1 दर्जन युद्धपोत, सैकड़ों लड़ाकू विमान और कई एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए जा चुके हैं. वहीं आधे सामान अभी रास्ते में हैं. जानकारी के मुताबिक अमेरिका के हथियारों और गोला-बारूद से भरे 150 से ज्यादा कार्गो प्लेन, F35, F22 और F16 समेत 50 फाइटर जेट इस इलाके की तरफ बढ़ रहे हैं. जंग को लेकर ट्रंप के एक एडवाइजर ने कहा,’ उनके आसपास के कुछ लोग उन्हें (ट्रंप) ईरान के साथ युद्ध में जाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अगले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई होने की 90 प्रतिशत संभावना है.’
