
इस पहल का नाम Aunties, Not Algorithms रखा गया है. इसे Singapore Tourism Board चला रहा है. यह कैंपेन खास तौर पर अमेरिका में रहने वाले 21 साल या उससे ज्यादा उम्र के सिंगल लोगों के लिए है जो डेटिंग ऐप से परेशान हो चुके हैं. इस योजना के तहत दो लोगों को चुना जाएगा और उन्हें सिंगापुर में पहली मुलाकात का मौका दिया जाएगा.
कैसे काम करता है यह कैंपेन
जो लोग इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन में अपनी निजी जानकारी देनी होगी और एक छोटा सा वीडियो भी भेजना होगा जिसमें वे बताएंगे कि उन्हें क्यों चुना जाए. यहां जोड़ी बनाने का काम किसी सॉफ्टवेयर या एल्गोरिदम से नहीं होगा. सभी आवेदन आंटियों का एक पैनल देखेगा और वही दो लोगों को चुनकर उनकी जोड़ी बनाएगा.
बता दें, इस प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर की जगह इंसानी समझ, स्वभाव और आपसी मेलजोल को अहम माना जाएगा. इस पैनल में कॉमेडियन Atsuko Okatsuka, ज्योतिषी और प्रोफेशनल मैचमेकर Aliza Kelly और सिंगापुर की अभिनेत्री Tan Kheng Hua शामिल हैं. सिंगापुर और एशिया के कई हिस्सों में आंटी शब्द उन बड़ी उम्र की महिलाओं के लिए बोला जाता है जो परिवार और समाज में सलाह देती हैं. यहां वे सिर्फ मैचमेकर और गाइड की भूमिका निभाएंगी, खुद डेट का हिस्सा नहीं होंगी.
विजेताओं को क्या मिलेगा
जिन दो लोगों को चुना जाएगा उन्हें चार रात के लिए सिंगापुर ले जाया जाएगा. उनके आने-जाने की फ्लाइट, होटल में ठहरने और घूमने-फिरने का पूरा खर्च शामिल होगा. उनके लिए खास आंटी-अप्रूव्ड प्लान बनाया जाएगा. इसमें एक मिशेलिन स्टार शेफ के साथ सिंगापुर का खाना बनाने की क्लास भी होगी. साथ ही शहर के मशहूर खाने, संस्कृति और घूमने की जगहों का अनुभव भी कराया जाएगा ताकि वे सिंगापुर की लाइफस्टाइल को करीब से समझ सकें.
आवेदन और आखिरी तारीख
यह कैंपेन अमेरिका में कानूनी रूप से रहने वाले 21 साल या उससे ज्यादा उम्र के सिंगल लोगों के लिए खुला है. आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 13 मार्च 2026 रखी गई है. इसके बाद पैनल सभी एंट्री देखेगा और एक जोड़ी का चयन करेगा. टूरिज्म बोर्ड ने साफ किया है कि इस योजना में सिर्फ एक कपल को ही चुना जाएगा.
सोशल मीडिया पर फैली गलतफहमी
कैंपेन शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ गलत बातें भी फैलने लगीं. कुछ लोगों ने कहा कि सिंगापुर अमेरिकी पुरुषों को बड़ी उम्र की स्थानीय महिलाओं से मिलने के लिए बुला रहा है या पासपोर्ट ब्रो जैसी सोच को बढ़ावा दे रहा है. हालांकि अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट में साफ बताया गया कि आंटियां सिर्फ जोड़ी बनाने का काम करेंगी. वे डेट का हिस्सा नहीं होंगी और न ही किसी तरह की रोमांटिक भागीदारी करेंगी.
टूरिज्म बढ़ाने की नई रणनीति
यह पहल सिंगापुर की बड़ी टूरिज्म योजना का हिस्सा है. पिछले कुछ सालों में सिंगापुर ने पॉप कल्चर, म्यूजिक वीडियो और एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट के जरिए खुद को दुनिया के सामने पेश किया है. इस बार डेटिंग और रिश्तों को जोड़कर सिंगापुर को एक ऐसे शहर के रूप में दिखाया जा रहा है, जहां लोग इंसानी रिश्तों, खाने और साझा अनुभवों के जरिए जुड़ते हैं.
पहले भी सरकार कर चुकी है ऐसी पहल
सिंगापुर में सरकार का मैचमेकिंग से जुड़ाव नया नहीं है. साल 1984 में सरकार ने Social Development Unit नाम की एक इकाई बनाई थी. उस समय मकसद था लोगों को मिलने-जुलने और शादी के लिए प्रोत्साहित करना क्योंकि जन्म दर घट रही थी.
हालांकि आपको बता दें, वह पहल घरेलू आबादी से जुड़ी थी. इस बार का कैंपेन हल्के और मजेदार अंदाज में पेश किया गया है. इसका मकसद शादी करवाना नहीं बल्कि सिंगापुर को एक खास और यादगार टूरिस्ट जगह के रूप में दिखाना है.
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