
Donald Trump: दुनियाभर के कई देशों को अपने भारी-भरकम टैरिफ की धणकी देने वाले ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. बता दें कि अदालत की ओर से उनके ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया है. कोर्ट का यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया है. जिससे अब साफ कहा जा सकता है कि बहुमत की ओर से ट्रंप प्रशासन की दलीलों को साफतौर पर मानने से मना कर दिया गया है. अब इसको लेकर ट्रंप ने एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया.
फैसले को लेकर प्रेस ब्रीफिंग
सुप्रीम कोर्ट की ओर से टैरिफ लगाने के उनके अधिकार को रद्द करने के फैसले को लेकर अब राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की है. यह कोर्ट के इस फैसले पर उनकी पहली सार्वजनिक टिप्पणी है. प्रेस ब्रीफिंग भारतीय समय के हिसाब से रात 11 बजकर 15 मिनट पर तो अमेरिकी समयानुसार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई.
फैसले से नाराज ट्रंप
ट्रंप ने प्रेस कांफ्रेस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेहद निराशजनक बताया. उन्होंने कहा,’ उन्हें अदालत के कुछ सदस्यों पर शर्म आती है, जिनमें हमारे देश के लिए सही काम करने का साहस नहीं है.’ इस दौरान उन्होंने असहमति जताने वाले जजों थॉमस, एलिटो और कवानॉघ को उनकी शक्ति और बुद्धिमत्ता के लिए धन्यवाद और बधाई दी. उन्होंने कहा कि असहमतिपूर्ण मतों के विरुद्ध कोई तर्क नहीं दे सकता. इसके बाद उन्होंने डेमोक्रेट की ओर से नियुक्त जजों को शर्मनाक बताया. ट्रंप का कहना है कि टैरिफ लगाने के लिए उनके पास अन्य तरीके भी हैं, जो उस तरीके से अलग हैं जिसके खिलाफ अदालत ने फैसला सुनाया है. उनका कहना है कि उन्होंने पिछले एक साल में अमेरिका को फिर से महान बनाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया है.
कोर्ट का फैसला
अदालत ने पाया कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) नाम के कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है. बता दें कि सत्ता में वापसी के बाद से सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति की यह सबसे बड़ी हार है और इससे उनके आर्थिक एजेंडे का एक प्रमुख स्तंभ खतरे में पड़ सकता है, हालांकि प्रशासन ने कहा है कि वह कुछ टैरिफ को फिर से लागू करने के लिए अन्य अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे अदालत के फैसले का अंतिम प्रभाव अनिश्चित बना हुआ है.

