
Iran Protest: ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. शनिवार 21 फरवरी 2026 को यहां छात्रों ने फिर से शासन के खिलाफ जोरदार नारे लगाए. बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालयों में यह विरोध प्रदर्शन बीते महीने एक बड़े आंदोलन में हजारों लोगों की हुई मौत को लेकर हुए. विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें तेहरान के टॉप इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी में भारी भीड़ को चिल्लाते और नारे लगाते हुए देखा गया है.
‘शर्मनाक…’
विरोध को लेकर ‘ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश’ के ‘X’ हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें लिखा है,’ ईरान में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या के 40 दिनों से अधिक समय बाद शनिवार को तेहरान और मशहद में छात्रों ने बड़ी रैलियां निकालीं और शरीफ समेत अमीर कबीर टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में राजशाही समर्थक और खामेनेई विरोधी नारे लगाए.’
More than 40 days after the mass killing of protesters in Iran, students held large rallies on Saturday in Tehran and Mashhad, chanting pro-monarchy and anti-Khamenei slogans at Sharif and Amirkabir universities of technology and the universities of medical sciences in Tehran and… pic.twitter.com/FR9w2viwbT
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— Iran International English (@IranIntl_En) February 21, 2026
इस वीडियो में लोगों को फारसी में ‘बी शराफ’ यानी ‘शर्मनाक’ चिल्लाते हुए सुना गया.
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खामेनेई को बताया हत्यारा नेता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से जुड़ी पैरामिलिट्री यूनिट्स को भेजा गया, जिससे विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक कुचला गया. ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक एक वीडियो में ‘शरीफ यूनिवर्सिटी’ में प्रदर्शनकारियों की कतारें दिखाई दे रही हैं, जो सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को ‘हत्यारा नेता’ बताकर उनकी निंदा कर रहे हैं. वे रजा पहलवी से नया सम्राट बनने का आग्रह कर रहे हैं.
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प्रदर्शन के पीछे किसका हाथ?
मानवाधिकार समूह ‘HAALVSH’ की ओर से जारी एक वीडियो के मुताबिक तेहरान में बेहेश्ती और ‘अमीर कबीर विश्वविद्यालय’ और पूर्वोत्तर में ‘मशहद विश्वविद्यालय’ में भी प्रदर्शन देखे गए. वहीं विरोध प्रदर्शनों का गढ़ माने जाने वाले अब्दानन में एक एक्टिविस्ट शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने ‘खामेनेई मुर्दाबाद’ और ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारे लगाए. बता दें कि अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ (HRANA) ने ईरान में प्रदर्शन को लेकर 7,000 से ज्यादा मौतों को डॉक्यूमेंट किया है, जिनमें से अधिकतर प्रदर्शनकारी थे, हालांकि वास्तविक संख्या इससे काफी ज्यादा हो सकती है. ईरान सरकार ने देशभर में हो रहे प्रदर्शन के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ बताया है.

