
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना का उन्नयन
प्रविष्टि तिथि: 16 MAR 2026 3:29PM by PIB Delhi
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना का उद्देश्य देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को सुदृढ़ करना है। इस योजना की कुल लागत ₹60,000 करोड़ (केंद्रीय हिस्सेदारी – ₹30,000 करोड़, राज्य हिस्सेदारी – ₹20,000 करोड़ तथा उद्योग हिस्सेदारी – ₹10,000 करोड़) है।
यह योजना निम्नलिखित दो घटकों से मिलकर बनी है:
(i) घटक–I – हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत 1,000 राजकीय आईटीआई (200 हब आईटीआई एवं 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन। इस उन्नयन में स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम का प्रारम्भ शामिल हैं।
(ii) घटक–II – भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर तथा लुधियाना स्थित पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता वृद्धि, जिसके अंतर्गत कौशल विकास के लिए क्षेत्र-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना तथा वैश्विक साझेदारी के साथ प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा।
पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई का चयन संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा उद्योग के साथ परामर्श करके किया जाता है, ताकि उभरती कौशल आवश्यकताओं तथा स्थानीय औद्योगिक संभावनाओं के साथ समुचित सामंजस्य सुनिश्चित किया जा सके। तदनुसार, राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों को उद्योग साझेदारों के सहयोग से उन्नयन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने होते हैं। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने योजना के लिए समग्र दृष्टि प्रदान करने, व्यापक नीतिगत दिशा निर्धारित करने, प्रचालन दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने, निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक उपाय करने के उद्देश्य से सचिव, एमएसडीई की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) का गठन किया है, जो इस योजना की शीर्ष स्तर की निकाय है। इसी प्रकार, 32 राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों ने अपने-अपने स्तर पर राज्य संचालन समिति (एसएससी) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य सचिव द्वारा की जाती जो समिति राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर योजना के कार्यान्वयन का मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण करने वाली शीर्ष निकाय है। 15 राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों ने उद्योगों की अभिरुचि आमंत्रित करने के लिए अपने प्रस्ताव जारी किए हैं। उद्योग साझेदार के चयन तथा विशेष प्रयोजन साधन (एसपीवी) के गठन के प्रयोजनार्थ उद्योग द्वारा प्रस्ताव अनुरोध (आरएफ़पी) के प्रत्युत्तर में एक कार्यनीतिक निवेश योजना (एसआईपी) प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु तथा कलबुर्गी जिलों में हब आईटीआई के साथ दो क्लस्टरों की पहचान की है। वर्तमान में, राष्ट्रीय संचालन समिति की स्वीकृति हेतु कोई प्रस्ताव अथवा कार्यनीतिक निवेश योजना लंबित नहीं है।
यह जानकारी कौशल विकास और उद्यमशीलता (एमएसडीई) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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