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Bettiah: कोरोना (Corona) माहमारी में  लोगों से उनका घर-बार, रोजी-रोटी सबकुछ छिन रहा है. कोविड-19 की पहली लहर में घर लौटे लोग वापस दूसरे राज्यों में काम करने चले तो गए. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से इन लोगों को घर लौटने पर मजबूर कर दिया है. 

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आलम यह है कि बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूर अपने घर लौट रहें हैं. कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण घर पहुंचने में भी इन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ हीं, प्रवासी मजदूर मीलो पैदल चलकर अपने घर पहुंच रहें हैं. वहीं, कुछ ऐसा हीं नजारा बेतिया में देखने को मिला जंहा बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर घर लौट रहें हैं. 

लेह लद्दाख में काम करने वाले जिले के सैकड़ो मजदूर वापस घर लौट रहें हैं. वह पहले लद्दाख से दिल्ली तक पहुंचे और फिर दिल्ली से बस से बेतिया पहुंचे. वहीं, बेतिया पहुंचने के बाद लॉकडाउन के कारण मीलो पैदल चलने को मजबूर हैं. साथ हीं, मजदूरों ने बताया कि वह सभी अपने खर्चें पर वापस लौट रहें हैं. कहीं साधन मिलता है तो कहीं उन्हें मिलों पैदल चलना पड़ता है.

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बता दें कि लॉकडाउन के चलते बाजार ठप हैं. ऐसे में प्रवासी मजदूरों के सामने घर जाने के अलावा कोई चारा नहीं है. उनका कहना है कि उनके पैसे खत्म हैं और खाने को भी कुछ नहीं है. बिहार के मजदूरों के सब्र का बांध टूट रहा है. लॉक डाउन के दौरान खाने- पीने का संकट झेल रहे मजदूर परेशान हैं. रोटी की व्यवस्था में हजारों किलोमीटर अपने घर से दूर रह रहे मजदूर अब अपने घर वापसी के लिए बेचैन हैं.

(इनपुट-इमरान अज़ीज)