
देहरादून: कोरोना संक्रमण के इस दौर में लोग जहां सुरक्षित रहने के लिए घरों के अंदर बंद हैं. वहीं, पुलिसकर्मी मुस्तैदी से सड़कों पर ड्यूटी दे रहे हैं. सामान्य तौर पर शांति व्यवस्था बनाना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन कोरोना महामारी में उनकी चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं. सड़क से श्मशान घाट तक पुलिस की मौजूदगी के कारण अब देहरादून के पुलिसकर्मी भी कोरोना के चपेट में आने लगे हैं.
1918 पुलिसकर्मी हो चुके हैं संक्रमित
उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना काल में पुलिसकर्मियों के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं. कोरोना संक्रमण के सेकेंड वेब में 24 मार्च से अभी तक 1918 से अधिक जवान संक्रमित हो चुके हैं. जिनमें से दो पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश की बात करें तो आज भी 757 पुलिसकर्मी संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में हैं.
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हमारी कोशिश है कि लोगों की मदद जारी रहे: अशोक कुमार
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा निसंदेह ये समय बेहद संकट का है और पुलिसकर्मी पूरी जान लगाकर काम कर रहे हैं. बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने की वजह से थोड़ी दिक्कत तो जरूर आ रही है लेकिन, कोशिश यही की जा रही है कि लोगों की मदद जारी रहे.
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कोरोना वायरस ने पुलिस का काम बढ़ाया है तो दूसरी ओर जवानों के लगातार पॉजीटिव होने के कारण प्रदेश में मैनपॉवर की कमी हो गई है. पुलिस को श्मशान घाट से लेकर ऑक्सीजन प्लांट और मेडिकल स्टोर समेत पूरे प्रदेश में करीब 1,800 अतिरिक्त ड्यूटी प्वाइंट बढ़ाने पड़े हैं. जिनमें एक शिफ्ट में करीब 4,000 जवान तैनात किए जा रहे हैं.
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