
Jaipur: प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र कोरोना संक्रमण (Corona infection) की दूसरी लहर से बेहद प्रभावित हुए हैं. शहरों के मुकाबले सीमित चिकित्सा उपकरणों के चलते स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है.
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इसी को देखते हुए सरकार के साथ अब भामाशाहों, सामाजिक संगठनों का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा संस्थान मुहैया करवाने पर है. भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी और जॉइंट कमिश्नर राजकुमार यादव (Rajkumar Yadav) ने भी ग्रामीण क्षेत्रों से चिकित्सा उपकरण मुहैया करवाने के लिए अपनी 1 महीने की सैलरी भेंट की है. इस राशि से 4000 सर्जिकल मास्क, 2000 हेड कैप, 400 N 95 मास्क, 200 फेस शील्ड, 200 सैनिटाइजर बोतल 500 ml, 40 पीपीई किट, 20 प्लस ऑक़्सीमीटर, आठ थर्मल टेंपरेचर गन आदि मंगवा कर सीधे क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर भिजवाई जा रही है.
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अलवर (Alwar) जिले के जखराना गांव निवासी आईआरएस अधिकारी राजकुमार यादव ने यह सामग्री बहरोड़ की सभी सीएचसी पहाड़ी, मांढण, बर्दोड और पीएचसी जखराना में भेंट किया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में किसी कमी का सामना ना करना पड़े. इसके अलावा उन्होंने सभी ग्रामीणों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का अनुरोध किया और अपना नम्बर आने पर वैक्सीन लगवाने का भी अनुरोध किया ताकि तीसरी लहर के ख़तरे को कम किया जा सके.
पहली कोरोना लहर में भी की थी सेवा
राजकुमार यादव ने पिछली कोरोना लहर में भी अपने वेतन से 1 लाख रुपये के चिकित्सा उपकरण भेंट किए थे. चिकित्सा उपकरणों की कमी का सामना कर रहे कर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आईआरएस अधिकारी राजकुमार यादव की इस पहल की जबरदस्त सराहना हो रही है.
गौरतलब है कि आयकर विभाग के कई अधिकारी इस विकट समय में लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं.
