
Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना संक्रमण (Corona infection) थमा है, जो बड़ी राहत है लेकिन ब्लैक फंगस (Black Fungus) ने राज्य में चिंता बढ़ा दी है.
यह भी पढ़ें- Corona के साथ ही Black Fungus मचा रहा तबाही, Rajasthan में 700 से अधिक हुए शिकार
राजधानी जयपुर (Jaipur) में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस की बात करें तो यहां अब तक 500 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज आ चुके हैं, जिनमें से 180 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है. चिंता की बात ये है कि एसएमएस अस्पताल में इलाज के लिए आए ब्लैक फंगस के करीब सात मरीजों की मौत भी चुकी है यानि कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस भी मौत का दंश दे रहा है.
यह भी पढ़ें- Corona रिकवर मरीजों में Black Fungus के लक्षणों की पहचान के लिए घर-घर होगा सर्वे!
एसएमएस अस्पताल में चल रही है डेडिकेटेड ब्लैक फंगस को लेकर यूनिट
मरने वाले मरीजों में ज्यादातर वो मरीज हैं, जिनके फंगस आंखों और दिमाग तक फ़ैल गया. राहत की बात ये है कि एसएमएस अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे 225 मरीजों को रिकवरी के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है. एसएमएस अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोहनीश ग्रोवर बताते हैं कि ब्लैक के शुरुआती लक्षणों की अगर पहचान हो जाए तो इसमें रिकवरी संभव है. एसएमएस अस्पताल में ब्लैक फंगस के लक्षणों को लेकर ओपीडी में करीब 40 से 50 या किसी दिन 100 तक मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन ज्यादातर सिर्फ 15 से 20 मरीज प्रतिदिन ब्लैक फंगस के डिटेक्ट हो रहे हैं, जिन्हें भर्ती कर उनकी जांच करने के बाद उनकी सर्जरी और आगे का उपचार किया जा रहा है.
ब्लैक फंगस के 180 मरीजों की हुई सर्जरी
अब तक करीब 30 से 40 मरीज ऐसे आ चुके हैं, जिनके फंगस आंख तक पहुंचा है और करीब 20 ऐसे जिनके दिमाग तक पहुंचा है. एसएमएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश शर्मा बताते हैं कि एसएमएस अस्पताल में जब ब्लैक फंगस के मरीज बढ़े तो चरक भवन को इसके इलाज के लिए डेडिकेटेड किया था, जहां 150 बेड्स थे लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ी तो अब दूसरे वार्ड को भी इसमें शामिल किया गया, जिसके बाद करीब 500 डेडिकेटेड बेड्स ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एसएमएस अस्पताल में मौजूद है. एसएमएस अस्पताल में ब्लैक फंगस के लिए सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक ओपीडी की सुविधा डेडिकेटेड उपलब्ध है.
