News in Brief

Ranchi: वोमेन डॉक्टर विंग आईएमए (Women Doctor Wing IMA) झारखंड की तरफ से रांची के नामकुंम स्थित आरसीएच (RCH) में नेशनल पब्लिक अवेयरनेस ऑनलाइन कैम्पेन (National Public Awareness Online Campaign) का आयोजन किया गया. इसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय, वैक्सीन लगवाने को लेकर प्ररेरित करने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ चिकित्सको ने भाग लिया. 
  
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh) ने कहा कि ‘झारखंड ने सुनियोजित रणनीति को अपनाते हुए इस चैलेंज का मुकाबला किया. इसका परिणाम है कि राज्य में तेजी से पॉजिटिव केस की संख्या घटी है. साथ ही राज्य सरकार ने ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, हेल्थ सुविधाएं, दवा की कमी नहीं होने दी गई. 

ये भी पढ़ेंः झारखंड में थर्ड जेंडर के टीकाकरण की शुरुआत, मोबाईल APP के माध्यम से हुआ वैक्सीनेशन

उन्होंने कहा कि ‘डेढ़ लाख कोरोना किट का वितरण गांव-गांव तक किया गया. कोरोना की दूसरी लहर का ग्रामीण इलाके में प्रतिकूल असर पड़ सकता है, ऐसे में स्वस्थ्य विभाग ने गांव-गांव तक सवा दो करोड़ लोगों की कोरोना जांच करवाई. इस जांच अभियान का फायदा यह हुआ कि बीपी के एक लाख मरीज, टी.बी. के 15 हजार मरीज, सुगर के एक लाख मरीज और हार्ट के एक लाख मरीज मिले. इन सभी का इलाज भी शुरु किया गया.’ 

अरुण कुमार सिंह ने कहा कि ‘इसी क्रम में ब्लैक फंगस ने भी पांव पसारना शुरु कर दिया. शुरुआती दौर में कालाजार की दवा का इस्तेमाल किया गया और स्पेशल वार्ड बनाए गए. झारखण्ड की हेल्थ सुविधा को बेहतर कर रहे हैं, मैन पॉवर बढ़ाकर हम थर्ड वेब की तैयारी कर रहे हैं. बच्चों के डॉक्टर की कमी को दूर करने के लिए दूसरे डॉक्टर को राज्य सरकार प्रशिक्षण दिला कर तैयार करेगी और चाइल्ड फ्रेंडली अस्पताल बनाए जा रहे हैं.’

ये भी पढ़ेंः Jharkhand: खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग सतर्क, कहा- जांच के बाद वेंडर के लाइसेंस होगें रद्द

वोमेन डॉक्टर विंग, आईएमए झारखंड की तरफ आयोजित नेशनल पब्लिक अवेयरनेश ऑनलाइन कैम्पेन कार्यक्रम में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) ने कहा ‘वैक्सीन को लेकर कुछ भ्रांतियां हैं. वैक्सीन की दोनों व्यवसाई कम्पनियों की विरोधाभासी बयान मीडिया में आए. इसके कारण कुछ विरोधाभास पैदा हुआ. तभी केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार को मजबूत स्टैंड लेना चाहिए था.’ वहीं, उन्होंने कहा कि ‘जब दुनिया के सभी राष्ट्राध्यक्ष वैक्सीन ले रहे थे उसी समय पीएम (PM) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी वैक्सीन ले लेते तो इस तरह अविश्वास नहीं होता.

वहीं, डॉक्टर भारती ने कहा कि ‘वास्तव में हमारे राज्य में हर दिन जितनी वेक्सीनेशन की क्षमता है उससे आधे से भी कम हो रही है, उसकी वजह है ग्रामीण जागरुक  नहीं हैं. उन्हें जागरुक करने की आवश्यकता है.’