Kilauea Volcano Eruption: दुनिया के सबसे एक्टिव ज्वालामुखियों में से एक हवाई द्वीप पर स्थित किलाउआ ज्वालामुखी फिर से फट गया है. इसका लावा 1,300 फीट की ऊंचाई तक हवा में उछलता हुआ देखा गया. बताया जा रहा है कि इसमें हुआ वर्तमान विस्फोट इसके इरप्टिव साइकिल का 42वां चरण था, जो दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था. यह घटना लगभग 10 घंटे तक चली, जिसमें चमकीले नारंगी रंग के लावा ने ज्वालामुखी के गड्ढे (Volcanic Crater) को रोशनी से भर दिया. 

बम की तरह फटा ज्वालामुखी 

‘TOI’ की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह विस्फोट रुक-रुककर होने वाली गतिविधि का हिस्सा है, जिसमें यह पहले कई दिनों या हफ्तों तक रुकता है और फिर इसमें तेजी से विस्फोट वापस आ जाता है. इस ज्वालामुखी में लोग राख और गैस के गुबार को समुद्र तल से 35,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक उठते हुए देखकर हैरान थे. लावा के फव्वारे मीलों दूर से दिखाई दे रहे थे. यह घटना USGS के लाइवस्ट्रीम फुटेज में कैद हुई. बता दें कि कई लोगों के लिए किलाउआ केवल एक ज्वालामुखी नहीं है. यह अटूट ताकत और अनिश्चितता का एक अद्भुत नजारा है. 

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विस्फोट ने बदला क्रेटर का रंग रूप  

केलाउआ ज्वालामुखी में इस तरह की गतिविधि होना कोई नई बात नहीं है. साल 1952 से इसमें दर्जनों बार विस्फोट हो चुके हैं, जिनमें से साल 1983-2018 तक ईस्टर्न रिफ्ट जोन में प्रमुख गतिविधि देखी गई. उन सालों के दौरान पुउ ओओ वॉल्कैनिक वेंट एक प्रमुख केंद्र था. हालेमाउमाउ क्रेटर के अंदर साल 2008-2018 तक एक लावा झील बनी रही. फिर साल 2018 में एक बड़ा विस्फोट हुआ जिसके चलते इसकी ऊंचाई ढह गई और क्रेटर में कई बदलाव आए. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसी घटनाएं ज्वालामुखी की संरचना पर स्थायी निशान छोड़ती हैं, जिससे भविष्य में इसके विस्फोट की प्रकृति निर्धारित होती है. 

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कभी भी फट जाता है ज्वालामुखी 

किलाउआ ज्वालामुखी में दिसंबर साल 2024 में शुरू हुई मौजूदा साइकिल अनियमित है. इसमें कुछ विस्फोट छोटे होते हैं, जबकि कई लगभग 10 घंटे या उससे ज्यादा समय तक चलते हैं. छोटे-छोटे विराम शांति का संकेत देते हैं, लेकिन ज्वालामुखी हमेशा फिर से फटने के लिए तैयार रहता है. इसके फटने का कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक रविवार 15 फरवरी 2026 को फटा किलाउआ ज्वालामुखी बेहद ऊंचा था मानो किसी पार्क का फव्वारा हो, जो बेहद गर्म और खतरनाक था. इस दौरान 10,000 मीटर से भी अधिक ऊंची राख और धुआं देखने को मिला. इसके अलावा क्रिएटर के नीचे से नारंगी और चमकीली दीवारें बह रही थीं. यह विस्फोट न केवल अपनी ऊंचाई बल्कि अपनी तीव्रता के कारण भी ध्यान आकर्षित कर रहा था.