
Kota: जिले में एक बार फिर खाकी दागदार हुई है, 3 कांस्टेबलों की वजह से इस बार वर्दी पर भ्रष्टाचार के दाग लगे हैं. इन तीनों के खिलाफ कोटा एसीबी ने FIR दर्ज की है.
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तीनों पर आरोप है कि इन्होंने अलग-अलग झूठे मामलों में परिवादियों को गिरफ्तार करने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी. प्राथमिक सत्यापन के बाद कोटा एसीबी की टीम ने सभी के खिलाफ FIR दर्ज की है.
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मामलों पर ज्यादा जानकारी देते हुए DSP हर्षराज खरेडा ने बताया कि पहला मामला झालवाड़ के असनावर थाने में तैनात कांस्टेबल हनुमंत चारण का है जिसने जोधपुर निवासी रामनिवास को झालावाड़ में चेकिंग के दौरान रोका और थाने ले जाकर चेकिंग की, लेकिन चेकिंग में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली तो उसे गाड़ी में अफीम रख केस बनाने के नाम पर 1 लाख 20 हजार रुपयों की मांग की. इसमें से 30 हजार रुपये कांस्टेबल हनुमंत चारण ने मौके पर ही ले लिये थे और शेष 90 हजार रुपये खाते में डलवाने की बात पर राजी हुए था, जिसका सत्यापन कोटा एसीबी ने करवाया था. इसमें कोटा एसीबी ने कांस्टेबल हनुमत चारण व उसके दलाल ज्ञानाराम के खिलाफ FIR दर्ज की है.
कुन्हाड़ी थाने के दो कांस्टेबलों से जुड़ा है मामला
वहीं, दूसरा मामला कोटा के कुन्हाड़ी थाने के दो कांस्टेबलों से जुड़ा है, जिसमें कांस्टेबल अरविंद सिंह और शिशुपाल सिंह ने नांता निवासी आदिल खान से उसके खिलाफ दर्ज एक मामले में FIR लग जाने के बाद भी झूठी गिरफ्तारी का भय दिखाकर 5 हजार रुपये की मांग की, जिसमें आदिल खान ने कोटा एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी.
इसमें एसीबी ने प्राथमिक सत्यापन करवाया था, जहां दोनों कांस्टेबल अरविंद सिंग और शिशुपाल सिंहः ने 5 हजार रुपयों की मांग की थी. इस पर आज कोटा एसीबी ने मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद भ्रष्टाचार की धाराओं में FIR दर्ज की है.
Reporter- KK Sharma
