
Ranchi: झारखंड में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सरकार द्वारा 22 अप्रैल को मिनी लॉकडाउन लगाया गया था. जिसके बाद कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हेमंत सरकार ने इसकी अवधि को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. अब झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह 27 मई की सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की अध्यक्षता में हुई बैठक में 13 मई की सुबह 6 बजे खत्म हो रहे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को 2 सप्ताह और बढ़ाने का फैसला हुआ. इस दौरान जारी प्रतिबंधों के अतिरिक्त नए प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.
वहीं, स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को लेकर जारी नए गाइडलाइन के 16 मई से प्रभावी होने पर बीजेपी सांसद संजय सेठ ने बयान दिया है. सांसद ने कहा कि ‘हम राजनीति करना नहीं चाहते पर कोरोना कोई जाति, उम्र, धर्म, त्योहार या छुट्टी नहीं देखता. सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी. अगर स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह की मियाद 13 मई को खत्म हो रही थी तो उसे फिर से शुरू कर देना चाहिए था. फिर इसमें 2 दिन का गैप क्यों दिया जा रहा है? हम किसी धर्म की बात नहीं कर रहे हैं लेकिन सरकार कैसे तुष्टिकरण करती है इसका जीता जागता उदाहरण चाहिए तो देश के लोग झारखंड आकर देखें.’
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संजय सेठ ने आगे कहा कि ‘झारखंड में कोरोना को 2 दिन की छुट्टी दी गई है और कहा गया है कि कोरोना अभी मत आना, झारखंड के अंदर दो दिन की छुट्टी है, जब 16 तारीख से हम स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह लागू करेंगे तब आना.’
इधर, बीजेपी सांसद के इस बयान पर जेएमएम ने पलटवार किया है. जेएमएम महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि कोरोना को लेकर जितने संवेदनशील झारखंड के सीएम हैं उतना पूरे देश में कोई भी सीएम नहीं है. लेकिन बीजेपी को हर चीज में राजनीति दिखती है. बीजेपी के आंख पर जो चश्मा है, बीजेपी उसी चश्मे से देखने का काम करती है. कोरोना को लेकर जिस तरह का प्रयास बीजेपी नेतृत्व के द्वारा किया जा रहा है उससे प्रतीत होता है कि बीजेपी सिर्फ राजनीति करना जानती है. आम लोगों से इनका कोई मतलब नहीं है.’
