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दरअसल, मध्य प्रदेश बोर्ड के प्राइवेट (स्वाधायी) छात्रों की तिमाही या फिर छमाही परीक्षा नहीं आयोजित की जाती है. इसलिए बोर्ड सिर्फ उन्हें न्यूनतम अंक 33 प्रतिशत ही देगा.

MP Board: 10वीं के इन लाखों छात्रों को मिलेंगे सिर्फ पासिंग मार्क्स, जानें वजह

फाइल फोटो.