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Ind vs Pak: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़ी एक बहुत ही बड़ी खबर सामने आ रही है. वर्ल्ड कप शुरु होने से 6 दिनों पहले पाकिस्तान सरकार ने आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 में नेशनल टीम की खेलने की मंजूरी दे दी है. लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट ये है कि मोहसिन नकवी ने फैसला लिया है कि 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच  होने वाले मुकाबले में पाकिस्तान हिस्सा नहीं लेगा यानी वह भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बॉयकॉट करेंगे. पाकिस्तान के इस फैसले से पूरे क्रिकेट जगत में बवाल मच गया है. विश्व कप से पहले उनका ये फैसला पूरे समीकरण को खराब कर सकता है . वहीं, पाकिस्तान बाकी के देश जैसे नीदरलैंड, अमेरिका और नामीबिया  के साथ होने वाले उनके मैचों को खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है. हालांकि,पाकिस्तान के इस फैसले ने आईसीसी की टेंशन बढ़ा दी है. जिसने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इस वहिस्कार से संबिधित वॉर्निंग दी है. अब देखना दिलचस्प होगा पीसीबी के इस रवैये पर आईसीसी का कदम उठाती है.

ICC लेगी बड़े एक्शन
मीडिय रिपोर्ट्स कि मानें तो आईसीसी इस मामले में पाकिस्तान के खिलाफ, एशिया कप से निष्कासन और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने से इनकार करना शामिल है. सूत्रों कि मानें तो पाकिस्तान द्वारा किसी भी प्रकार की वापसी आईसीसी के भागीदारी समझौतों का उल्लंघन माना जाएागा, जिससे भविष्य के टी20 विश्व कप और एशिया कप सहित आईसीसी और एसीसी टूर्नामेंटों से उनका पत्ता तक कट हो सकता है.

लाखों का जोखिम

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पीसीबी का यह बहिष्कार सिर्फ नाम के लिए नहीं होगा, बल्कि इससे उसे पैसों और इज़्ज़त दोनों का बड़ा नुकसान हो सकता है. जानकारों के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इससे 38 मिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ सकता है. इसमें टीवी चैनलों से मिलने वाली कमाई, स्पॉन्सरशिप का पैसा और आईसीसी से मिलने वाली फीस शामिल है.भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मैच टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा कमाई वाला मुकाबला होता है. अगर पाकिस्तान इस मैच को नहीं खेलता है, तो टीवी चैनल और ब्रॉडकास्टर पहले से बेचे गए विज्ञापनों और प्राइम टाइम प्रसारण को लेकर पीसीबी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकते हैं.

इतने का होगा नुकसान

इसके अलावा, इस बहिष्कार का असर पीसीबी की कमाई पर भी सीधा पड़ेगा. बोर्ड को मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने पर मिलने वाला बोनस और टूर्नामेंट में खेलने की फीस का पैसा नहीं मिल पाएगा, जो करीब 5 लाख से 10 लाख डॉलर तक हो सकता है. आईसीसी से मिलने वाले पैसे कम होने की वजह से घरेलू क्रिकेट और छोटे स्तर पर चलने वाले क्रिकेट कार्यक्रमों पर भी असर पड़ेगा. इससे बजट कम करना पड़ सकता है, जिसका नुकसान खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, उनके भविष्य और लंबे समय के करियर पर पड़ सकता है.

बहिष्कार से पाकिस्तान क्रिकेट को जबरदस्त नुकसान

पैसों के नुकसान के अलावा, इस बहिष्कार से पाकिस्तान क्रिकेट को दुनिया में अलग-थलग पड़ने का खतरा भी है. अगर आईसीसी ने प्रतिबंध लगाए, तो पाकिस्तान दूसरे बड़े क्रिकेट खेलने वाले देशों की मेजबानी नहीं कर पाएगा और न ही उनके यहां जाकर सीरीज़ खेल सकेगा. इससे दो देशों के बीच होने वाली क्रिकेट सीरीज का पूरा कार्यक्रम बिगड़ सकता है. यही नहीं, विदेशी खिलाड़ियों को अगर एनओसी नहीं मिली तो वे पीएसएल में नहीं खेल पाएंगे, जिससे लीग की अंतरराष्ट्रीय पहचान और लोकप्रियता घट जाएगी. इसका असर टीवी प्रसारण की कमाई, स्पॉन्सरशिप और दुनिया भर की टी20 लीगों के बीच पीएसएल की टक्कर देने की ताकत पर पड़ेगा.

युवा खिलाड़ियों को बड़ा नुकसान

आईसीसी से जुड़े सूत्रों ने यह भी कहा है कि इससे पीसीबी की साख पर सवाल खड़े हो सकते हैं. आईसीसी की बैठकों, पैसों के बंटवारे और भविष्य में टूर्नामेंटों की मेजबानी जैसे फैसलों में पीसीबी की भूमिका कमज़ोर पड़ सकती है, जिससे बोर्ड की लंबी योजना और अधिकार प्रभावित होंगे. इसका नुकसान खिलाड़ियों को भी झेलना पड़ेगा. उन्हें इनाम की राशि, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और करियर बनाने वाले बड़े मौके नहीं मिल पाएंगे. खासकर नए और उभरते खिलाड़ी ज्यादा प्रभावित होंगे, जो विदेशी लीगों में खेलने के लिए आईसीसी टूर्नामेंटों पर निर्भर रहते हैं.

राजनीतिक माहौल और आगे क्या होगा

बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने आईसीसी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विदेश दौरे से लौटने के बाद ही पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर सरकार के उच्च स्तर पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. नकवी का कहना है कि आईसीसी को सभी सदस्य देशों के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए. हालांकि जानकारों का मानना है कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है, तो उसे सिर्फ पैसों का नुकसान ही नहीं होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी छवि को भी लंबे समय तक नुकसान पहुंच सकता है.

पाकिस्तान को उठाना पड़ेगा जोखिम

टूर्नामेंट शुरू होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं और हालात अभी भी साफ नहीं हैं. भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला पाकिस्तान की ओर से एक राजनीतिक संदेश हो सकता है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे आईसीसी के प्रतिबंध, कानूनी विवाद और भारी आर्थिक नुकसान का सिलसिला शुरू हो सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, जिसका असर आने वाले कई सालों तक देखने को मिलेगा.

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