
जांजगीर-चांपा: जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने उनके सवालों पर बड़ी चूक कर गये. प्रधानमंत्री से चर्चा के दौरान कलेक्टर यशवंत कुमार ने बेधड़क अंदाज मे जिले में कोविड मैनेजमेंट और नवाचार पर जानकारी दी. उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि जिले में ऑक्सीजन और बेडों की पर्याप्त व्यवस्था है. उद्योगों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संस्थाओं का कोविड के उपचार और व्यवस्थापन में सकारात्मक सहयोग मिल रहा है.
जिले में कोविड की पाजीटिविटी रेट जो प्रारंभ में 30 प्रतिशत था, जो अब घटकर 14 प्रतिशत रह गया. साथ ही जिले में कोविड संक्रमण के प्रति आम लोगों की जागरुकता की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने बताया कि कई ग्रामों के लोग अपने गांव की सीमा को बंद कर दिया है, ताकि संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सके.
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जिले में टीकाकरण की प्रगति की जानकारी देते हुए कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में जिले के स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों का टीकाकरण का काम पूरा किया गया है. साथ ही कलेक्टर ने कहा कि 18 प्लस और 45 प्लस के लोगों का का टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है। यह भी बताया कि वैक्सीन की कमी से टीकाकरण का कार्य समय- समय पर बाधित हो रहा है.
पीएम के प्रश्न का गलत उत्तर देकर फंसे कलेक्टर
यहां तक तो ठीक था, लेकिन इतना सब कुछ बताने के बाद जब प्रधानमंत्री ने कलेक्टर यशवंत कुमार से पूछा कि आपके जिले मे कितने गांव हैं, तो कलेक्टर ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले मे 1400 गांव हैं. वहीं प्रधान मंत्री के पूछे जाने पर ग्राम पंचायतों की संख्या कलेक्टर ने 700 बताई. जबकि जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत से प्राप्त अद्यतन जानकारी के मुताबिक वर्तमान मे जिले मे 890 गांव और 657 ग्राम पंचायत हैं.
कलेक्टर को नहीं थी ये जानकारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इतने में ही नहीं रुके उन्होंने कलेक्टर यशवंत कुमार से यह भी पूछ डाला कि आपके जिले के कितने गांव ऐसे हैं, जहं एक भी पेशेंट नहीं मिला. तो कलेक्टर यशवंत कुमार ने कहा कि सर ये जानकारी तो अभी नहीं है सर ! तब प्रधानमंत्री ने कहा कि एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहिए, जिसमें यह जानकारी हो कि कितने गांव मे पेशेंट नहीं हैं और ऐसे गांवों की संख्या कैसे बढ़े.
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