
Jaipur: राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने शेष रहे 12 जिलों में जिला परिषद-पंचायत समिति के चुनाव के लिए राज्य सरकार (State Government) को पुनः आरक्षण की लॉटरी निकालने के निर्देश दिए हैं.
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राज्य निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग (Rural and Panchayati Raj Department) से कहा है कि वह आरक्षण की लॉटरी पुनः कराए.
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राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि नगर पालिकाओं के गठन से प्रभावित ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन एवं प्रभावित जिला परिषद पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों/ वार्डों का पुनगर्ठन एवं आरक्षण के पुनः निर्धारण के कार्य के लिए नवीन कार्यक्रम शीघ्र जारी कर आयोग को अवगत कराएं ताकि इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग प्रभावित पंचायती राज संस्थाओं के नवीन/ संशोधित परिसीमन के अनुसार इनकी मतदाता सूची तैयार करा कर इनके आम चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
जनवरी 2020 में यहां नहीं हो सके आम चुनाव
प्रदेश के 12 जिलों अलवर, बारां, दौसा, भरतपुर, धौलपुर जयपुर जोधपुर करौली कोटा सवाई माधोपुर सिरोही और श्रीगंगानगर में जिला परिषद एवं पंचायती समिति सदस्यों के जनवरी 2020 में होने वाले आम चुनाव राज्य सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के परिसीमन हेतु जारी की गई अधिसूचनाओं को कोर्ट में चुनौती देने कारण चुनाव नहीं हो सके. इसके बाद कोविड- 19 के कारण चुनाव नहीं हो सके.
शेष रहे 12 जिलों में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव नहीं होने के कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो गया है. ऐसे में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक ही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. राज्य में पंचायती चुनाव के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि इतने लंबे समय तक जिला परिषद एवं पंचायत समिति की कमान चुने हुए प्रतिनिधियों की बजाय प्रशासकों के हाथ में है.
