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Jaipur: कोरोना (Corona) की दूसरी लहर के प्रकोप के चलते प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करते हुए करीब 21 लाख विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया गया लेकिन अभी तक उच्च शिक्षा की परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिसके चलते करीब 20 लाख परीक्षार्थियों को मन में असमंजस की स्थिति है.

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कोरोना महामारी (corona pandemic) में राजस्थान विश्वविधालय (Rajasthan University) और महाविद्यालयों की परीक्षा होगी या नहीं इसको लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है हालांकि परीक्षाओं पर निर्णय के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसको परीक्षाओं पर मंथन करने के लिए 15 दिनों का समय भी दिया गया था. 10 जून को ये समय पूरा होने जा रहा है और कमेटी द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को अपनी रिपोर्ट 10 जून को सौंपनी है.

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इसके बाद उच्च शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट पर मंथन करने के बाद इसको सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद सरकार द्वारा परीक्षाओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा हालांकि अधिकतर विश्वविद्यालय के कुलपति लगातार लगातार दूसरे साल छात्रों को बिना प्रमोट करने के पक्ष में नहीं है. कमेटी की ओर से एआईसीटीई, एनसीटीई, बीसीआई के मानदंडों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट राज्य सरकार को देनी है. परीक्षा ऑनलाइन हो या ऑफलाइन को इसकी जानकारी भी रिपोर्ट में दी जाएगी.

क्या कहना है परीक्षार्थियों का 
दूसरी ओर उच्च शिक्षा के परीक्षार्थी लम्बे समय से परीक्षाओं को रद्द कर विद्यार्थियों को प्रमोट करने की मांग पर अड़े हैं. परीक्षार्थियों का कहना है कि दूसरी लहर में युवाओं को इस संक्रमण ने सबसे ज्यादा अपनी जद में लिया है, ऐसे में सरकार को या तो युवाओं का पूरी तरह से वैक्सीनेशन करने के बाद परीक्षा आयोजन करने का फैसला ले या फिर प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट कर अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को भी ऑनलाइन पैटर्न या अन्य माध्यम से लिया जाए, जिससे संभावित तीसरी लहर के खतरे से युवाओं को बचाया जा सके.

बहरहाल, कमेटी द्वारा अपनी रिपोर्ट 10 जून को शिक्षा विभाग (Education Department) को सौंपी जाएगी. ऐसे में अब ये देखने वाली बात होगी कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार द्वारा फैसला लिया जाता है या फिर पिछले साल की तरह अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को छोड़ अन्य परीक्षार्थियों को प्रमोट किया जाएगा.