
Jaipur: राजस्थान में कोरोना के मुश्किल दौर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों के हितों के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब ऋण माफी का लाभ लेने वाले अवधिपार ऋणी, जिनका बकाया था, ऐसे किसानों को सरकार फसली ऋण देगी.
सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि वर्ष 2018 और 2019 में ऋण माफी का लाभ लेने वाले अवधिपार ऋणी किसानों को फसली ऋण दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसान हित में लिए फैसले से प्रदेश के साढ़े सात लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा.
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आंजना ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2018 एवं 2019 में हुई ऋण माफी में ऐसे किसान जिनकी ओर 5 हजार रुपए से अधिक राशि का अवधिपार फसली ऋण बकाया था तथा वर्तमान में कोई ऋण बकाया नहीं था, को फसली ऋण वितरित नहीं किया जा रहा था, जिससे ऐसे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ 2021 फसली चक्र से अल्पकालीन साख सुविधा से जोड़ते हुए फसली ऋण मुहैया कराने का निर्णय किया है. ऐसे किसानों को राशि 25 हजार रुपए या उसकी साख सीमा जो भी कम हो के आधार पर जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से फसली ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने बताया कि बैंकों की तरलता के आधार पर आगामी फसली चक्रों में फसली ऋण राशि में वृद्धि की जाएगी.मंत्री ने बताया कि ऐसे किसानों को अल्पकालीन साख सुरक्षा के अन्तर्गत लाने के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था.
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आंजना ने बताया कि प्रदेश के सभी किसानों को सहकारी फसली ऋण की सुविधा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि 5 हजार रुपए से कम अवधिपार राशि के बकाया ऋण वाले किसानों को पहले से फसली ऋण दिया जा रहा था. सरकार के इस फैसले से अब प्रदेश के सभी किसान अल्पकालीन सहकारी फसली ऋण के दायरे में आ गए हैं.
