

मयूर शुक्ला\लखनऊ: इस साल सितंबर में होने वाले टोक्यो पैरालंपिक 2021 में पदक जीतने का लक्ष्य लेकर देश के अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लखनऊ में पसीना बहा रहे हैं. कोरोना काल में भी इन खिलाड़ियों की जोर आजमाइश लगातार जारी है. इरादा बस एक ही है भारत को गोल्ड मेडल दिलाना है.
कोरोना काल की दूसरी लहर ने जहां लोगों को अपने घरों में कैद कर दिया. वहीं, टोक्यो पैरालंपिक में पदक जीतने का जज्बा लिए देश के हर कोने से अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लखनऊ में कई महीनों से डेरा जमा रखे हैं.
विश्व रैंकिंग में नंबर पारुल परमार लखनऊ में बहा रही पसीना
इसी साल टोक्यो में पैरालंपिक गेम्स होने हैं जिसमें भारत के 7 से 8 बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. ऐसा पहली बार है जब पैरालंपिक गेम्स में बैडमिंटन को शामिल किया गया है. देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना लिए गुजरात की पारुल परमार लगातार लखनऊ में पसीना बहा रही हैं. पारुल परमार भारत की सबसे अनुभवी पैरा शटलर हैं और साल 2002 से लगातार विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज हैं. पारुल भले ही एक पैर से विकलांग हैं लेकिन इसका इनके हौसले पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता.
पंजाब की पलक का है गोल्ड मेडल जीतने का सपना
एक हाथ से विकलांग पलक कोहली को देखकर आप शायद ही अंदाजा लगा पाएंगे कि ये विश्व रैंकिंग में पांचवें पायदान पर हैं. पंजाब की पलक ने नेशनल लेवल पर बहुत सी उपलब्धियां हासिल की. लेकिन, अब पलक को सबसे ज्यादा उम्मीद है टोक्यो पैरालंपिक से.
उनका कहना है कि वह पल उनके लिए गौरवान्वित करने वाला होगा जब वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाएंगी. पलक पिछले कई महीने से लगातार लखनऊ में टोक्यो पैरालंपिक की तैयारी कर रही हैं और उनकी तैयारी देखकर यह जरूर कहा जा सकता है की गोल्ड भारत को ही मिलेगा.
भारत को मिलेंगे कई मेडल्स: कोच
देश के पैरा शटलर्स को टोक्यो पैरालंपिक के लिए तैयार कर रहे गौरव खन्ना ने भी बैडमिंटन में कम झंडे नहीं गाड़े. द्रोणाचार्य और यश भारती अवार्ड से सम्मानित गौरव खन्ना इस वक्त भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम के कोच हैं और इस महामारी के दौरान भी बिना रुके और थके लगातार खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं. गौरव का मानना है कि इस बार टोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन में भारत को कई मेडल्स मिलेंगे क्योंकि देश के बेहतरीन खिलाड़ी लगातार इस जोर आजमाइश में पसीना बहा रहे हैं.
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