
Tonk: अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास, राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) का ये स्लोगन हमेशा सवालों के घेरे में रहता है. अक्सर पुलिस अपराधियों के साथ और आमजन को परेशान करती नजर आती है.
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टोंक जिले के दत्तवास मामले में पीड़ित पक्ष के साथ समझौते के बाद पुलिस अब पीड़ित परिजनों को परेशान कर रही है और इस पुलिस का ग्रामीणों में अब भरोसा नहीं भय नजर आ रहा है, जिससे आक्रोशित परिजनों ने सामूहिक अनशन की चेतावनी दे मुख्यमंत्री से पुलिस अधीक्षक सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज हुआ
टोंक जिले के दत्तवास थाने में 12 मई को हुए हंगामे की तस्वीरें देश और प्रदेश ने देखी. पुलिस का वो चेहरा भी देखा, जिसमें शराब ठेकेदार के साथ मिलकर युवक को थाने लाई और फिर उसकी मौत हो गई. पुलिस थाने के एएसआई सहित चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज हुआ. आईजी अजमेर एस. सैंगाथिर के निर्देश पर एसपी ने थानाधिकारी सहित पूरे स्टॉफ को लाइन हाजिर कर दिया. थाना परिसर में मौत होने के बाद परिजनों का न्याय मांगना स्वाभाविक था. परिजन पुलिस अधिकारियों से बात करने और अपने को खोने के कारणों पर बात कर रहे थे. इस दौरान बाहर खड़ी भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस की जिम्मेदारी थी. लेकिन जब अपराधियों के साथ मिली हुई पुलिस का चेहरा सामने आता है. तो दत्तवास पुलिस जैसे कांड सामने आते हैं लेकिन पीड़ित परिजनों से सीएम से न्याय की गुहार लगाई है. पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ परिजनों ने सामूहिक अनशन की चेतावनी दी है.
पीड़ित पक्ष को किया जा रहा परेशान
पुलिस की मिलीभगत के कारण पप्पू मीणा की मौत हुई. परिजनों ने न्याय की मांग की तो समझौता कर शांत कर दिया. दिखावे के लिए एएसआई को सस्पेंड कर दिया. अगले दिन आरोपी शराब ठेकेदार की कार भी जब्त कर ली. लेकिन आगे की कार्रवाई के बजाय पीड़ित पक्ष को परेशान किया जा रहा है.
क्या कहना है पुलिस का
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एडिशनल एसपी सुभाष चंद मिश्रा (Subhash Chand Mishra) समझौते के हिसाब से पीड़ित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात कह रहे हैं लेकिन पुलिस की कार्रवाई हो रही है.
शराब ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
पुलिस को चेहरा अक्सर अपराधियों के साथ नजर आता है. अब पुलिस को पीड़ित परिजनों की बजाय शराब माफिया और दोषी पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. एडिनशनल एसपी इस पूरे मामले की जांच कर रहे है. इस पूरे मामले में निवाई सीओ, दत्तवास थाने की इंचार्ज से लेकर पुलिस कर्मियों के साथ शराब ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
Reporter- Purushottam Joshi
