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Darbhanga: मिथिला इन दिनों अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है. कहा जाता है कि यहां हर कदम पर तालाब मिलता है और हर तालाब मे मछली और मखाने का खूब उत्पादन होता है. लेकिन कुछ दिनों की भारी बारिश के बाद पग-पग पोखर वाले मिथिला के दरभंगा का बुरा हाल है. यास (Yaas) तूफान की वजह से यहां इतनी बारिश हुई है कि यहां के किसानों में बेबसी और आक्रोश दिखने लगा है. 

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दरअसल यहां की ज्यादातर आबादी उद्योग-धंधे नष्ट होने के बाद पूरी तरह से खेती पर आधारित है. लेकिन यास तूफान की वजह से यहां कुछ दिनों मे इतनी बारिश हुई है कि यहां की ज्यादातर नदियों में उफान आ गया. जिले के कुशेश्वरस्थान, किरतपुर और धनश्यामपुर प्रखंड यास तूफान ने ऐसा कहर बरपाया कि कई दिनों तक यहां भारी बारिश होती रही है. 

वहीं, भारी बारिश से कई गांवों की खेतों में इतना पानी भर गया कि किसानों की सारी फसल उसमे डूब गई है. सैकड़ों एकड़ में लगी मूंग और मक्के की फसल बर्बाद हो गई है. साथ ही कल तक खेतों में लहराती फसल की जगह अब चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है.

चंद दिनों की बारिश अपने साथ भारी तबाही ला चुकी है. पानी में डूबी फसल को किसान किसी तरह से छान कर सूखे जगह पर ले जा रहे हैं और उसे सूखा रहे हैं. लेकिन सैकड़ों एकड़ की फसल को पानी के बहाव से निकाल कर बाहर लाना निराशा में दिल को बहलाने के लिए एक कोशिश भर है. 

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हालांकि, किसानों ने मुश्किल की इस घड़ी में सरकार से मदद की भी गुहार लगाई है और इसके लिए जिलाधिकारी को आवेदन भी सौंपा है. इसके बाद जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिले में पानी की वजह से बर्बाद हुए फसल के व्यापक सर्वेक्षण का निर्देश दिया है.  इसे लेकर किसान एक आखरी उम्मीद लगाए इंतजार कर रहे हैं कि शायद उनके नुकसान की कुछ भरपाई हो जाए.