
सूचना और प्रसारण मंत्रालय

एमआईबी ने केंद्र-राज्य तालमेल को मजबूत करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आईएंडपीआर सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया
वेव्स 2027 से लेकर लाइव इवेंट्स तक, मंत्रालय ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था और मीडिया इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए रोडमैप तैयार किया
प्रविष्टि तिथि: 25 AUG 2026 6:46PM by PIB Delhi
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सूचना और जनसंपर्क विभागों के सचिवों के साथ एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में सूचना, प्रसारण, मीडिया और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में अहम पहलों पर चर्चा करने और आपसी तालमेल को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आए।

सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय सूचना और प्रसारण मंत्रालय श्री चंचल कुमार ने सम्मेलन की अध्यक्षता की और चर्चा के दौरान इसमें शामिल राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से बातचीत की। माननीय प्रधानमंत्री के उस विजन का उल्लेख करते हुए, जिसके तहत भारत की ‘सॉफ्ट पावर‘ और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय प्रगति की सात धाराओं यानी ‘सप्तधारा‘ में शामिल किया गया है, सचिव ने भारत की विशाल रचनात्मक क्षमता का लाभ उठाने और जन-संचार को मज़बूत करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच और अधिक मज़बूत और व्यवस्थित सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था-जिसमें संस्कृति, रचनात्मकता और व्यापार शामिल हैं-में रोजगार पैदा करने, निवेश आकर्षित करने और वैश्विक स्तर पर भारत का प्रभाव बढ़ाने की क्षमता है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अलग-अलग विशेषताओं पर जोर देते हुए, सचिव ने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कोई एक मॉडल नहीं हो सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सांस्कृतिक खूबियों, संस्थागत क्षमताओं और क्षेत्रीय प्रतिभा का इस्तेमाल करके ही उसकी रचनात्मक क्षमता को साकार किया जा सकता है।
उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग के लिए कई क्षेत्रों का भी उल्लेख किया, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबारी सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस), क्षमता निर्माण, क्षेत्रीय कंटेंट और रचनात्मक इकोसिस्टम शामिल हैं। वेव्स 2027, वेव्स बाजार, वेवएक्स और ‘क्रिएट इन इंडिया चैलेंज‘ जैसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म देश भर के क्रिएटर्स और स्टार्ट-अप्स को बाज़ार, निवेशकों, प्रौद्योगिकी और वैश्विक भागीदारी तक बेहतर पहुंच दिला सकते हैं।

भाग लेने वाले राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारियों ने विभिन्न पहलों के कार्यान्वयन के संबंध में अपने अनुभव और चिंताओं को साझा किया और मंत्रालय के साथ समन्वय और जुड़ाव को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। राज्य स्तर पर क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया, राज्यों ने बेहतर संचार, जुड़ाव और नियमित सम्मेलनों के माध्यम से मंत्रालय से अधिक समर्थन मांगा। अधिकारियों ने मंत्रालय के साथ अधिक निकटता से सहयोग करने और ऑरेंज इकोनॉमी को मजबूत करने में सक्रिय रूप से भाग लेने की इच्छा भी व्यक्त की।
सम्मेलन के दौरान, राज्य सरकारों द्वारा केबल ऑपरेटरों के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तंत्र के कार्यान्वयन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें वेव्स 2027 के लिए रोडमैप; वेव्स बाजार और बाजार पहुंच को मजबूत करना; सार्वजनिक सेवा प्रसारण बुनियादी ढांचे का विस्तार; वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता-जनित रचनात्मक सामग्री का प्रचार; भारतीय सिने हब (आईसीएच) और फिल्म सुविधा कार्यालय (एफएफओ) पोर्टल का दोतरफा एकीकरण; और फिल्म शूटिंग और लाइव इवेंट की अनुमति के लिए सिंगल-विंडो आईसीएच पोर्टल को अपनाना शामिल हैं।
सम्मेलन में कंटेंट सह-उत्पादन, राज्य-विशिष्ट प्रोग्रामिंग और बढ़ी हुई सार्वजनिक पहुंच के माध्यम से सार्वजनिक सेवा प्रसारण को मजबूत करने, लाइव इवेंट क्षेत्र का प्रचार; आईआईएमसी प्रशिक्षण सुविधाओं के माध्यम से डीआईपीआर अधिकारियों की क्षमता निर्माण; प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से प्रेस और पत्रिकाओं का पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम, 2023 के तहत डिजिटल ढांचे में परिवर्तन; और समग्र शिक्षा ढांचे के तहत राज्य सरकारों को पुस्तकों की आपूर्ति के माध्यम से पुस्तकालयों को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन में सार्वजनिक सेवा प्रसारण (पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग), लाइव इवेंट्स सेक्टर, डीआईपीआर अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने, मीडिया और प्रकाशन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव और लोगों तक पहुंचने की पहलों से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

सचिव ने राज्य-विशिष्ट कंटेंट और लोगों तक पहुंचने के लिए पीआईबी के क्षेत्रीय कार्यालयों, राज्य सूचना और जनसंपर्क विभागों और दूरदर्शन व आकाशवाणी की क्षेत्रीय इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने दोहराया कि मंत्रालय रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और लोगों के साथ संचार को बेहतर बनाने के लिए नए विचारों, राज्यों की पहलों और भागीदारी (पार्टनरशिप) मॉडल को अपनाने के लिए तैयार है।

इस सम्मेलन में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आईएंडपीआर सचिवों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो केंद्र और राज्यों के बीच करीबी तालमेल और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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