
Ranchi: बुंडू और तमाड़ को जोड़ने वाली तमाड़ के कांची नदी पर बना पूल बीच से ही टूट गया है. इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लेते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं.
इस घटना को लेकर ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता ब्रजेश कुमार वर्मा ने बताया कि ऐसा लग रा है कि बालू के बहुत उठाव के कारण पुल ध्वस्त हुआ है. घटना के बाद से ही नदी में तेज बहाव के कारण रास्ता को रोका गया है. ये पुल स्पेशल डिवीजन से बना था और उद्घाटन से पहले ही टूट गया है.
उन्होंने आगे कहा कि इस इलाके के लिए ये पुल लाइफ लाइन था. ये पुल कई गांव को जोड़ता था. तीन साल पहले 8 करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण हुआ था.इसका उद्घाटन भले ही नहीं हुआ था लेकिन लोग इसका लाभ ले रहे थे.
स्थानीय विधायक विकास मुंडा ने इसके जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस पुल को फिर से बनाया जाए. ये पुल इलाके के लिए लाइफ लाइन है. ऐसे में इसके टूटने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
कांची नदी पर बना पूल टूटने पर जम्मू ने निशाना साधते हुए कहा कि ये पिछली सरकार के भ्रष्टाचार का ज्वलंत उदाहरण है. ये पहला मामला नहीं हैं. इस मामले में कई और मामले सामने आएंगे. ये पिछली सरकार की कार्यशैली को बताता है.
बुंडू में पुल टूटने के मामले में झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता सरोज सिंह का कहना है कि किस वजह से पुल टूटा है, इस बात की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. हम सरकार से एक निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं.
इसके अलावा झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शमशेर आलम ने ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ जांच की बात कहीं है.
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वही, बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा कि पुल कब बना है ये जरूरी नहीं है. हमने ये जानना जरूरी है कि पुल की वजह से गिरा है. इसकी तकनीकी जांच होनी चाहिये. अगर किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये.
