News in Brief

Jaipur: राज्य सरकार ने केंद्र से राजस्व घाटे की क्षतिपूर्ति वर्ष 2027 तक करने तथा कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवाई ऑक्सीजन टीके व अन्य कोविड-19 सामग्री को जीएसटी मुक्त करने की मांग रखी. केन्द्रीय मंत्री (वित्त और कॉरपोरेट मामले ) निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 28 मई को विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में 43वीं जीएसटी परिषद् की वर्चुअल बैठक हुई. बैठक में राजस्थान की और से नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल शामिल हुए.

कोरोना सामग्री पर GST लगाने पर आपत्ति
बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा टीके, दवा, ऑक्सीजन एवं अन्य कोविड राहत सामग्री पर 5 से12 प्रतिशत जीएसटी वसूलने पर राजस्थान, पंजाब एवं बंगाल तथा अन्य राज्यों द्वारा अपनी आपत्ति दर्ज करवाई. राज्यों ने मांग की कि इन पर जीएसटी जीरो रेटिंग की जाए अर्थात् इन्हें जीएसटी से मुक्त किया जाये. इस मुद्दे पर काफी गहमा-गहमी हुई.

कोरोना कंट्रोल में राजस्थान में उठाए ठोस कदम
नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने जीएसटी कॉउसिल की बैठक में कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण दर एवं मृत्युदर दोनों ज्यादा थे. सीमित वित्तीय संसाधनों के बावजूद भी राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की दूरगामी सोच, मेहनत एवं नेतृत्व में शुरू से सजग रहकर कई कदम उठाए हैं. अप्रैल से ही राज्य सरकार ने विभिन्न प्रकार की पाबंदियां लागू की जिससे कोविड-19 पर काफी हद तक काबू पाया जा सका.

तीसरी लहर की आशंका के बीच तैयारियां शुरू
राज्य में कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी गई है. इसके लिए 1000 डॉक्टर, 25000 नर्सिंग स्टॉफ नए भर्ती किए जा रहे हैं. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर के अस्पतालों को कोविड हॉस्पिटल घोषित किया गया है. प्रदेश में ब्लैक फंगस (Black Fungus) को घातक बीमारी घोषित किया गया है. 

टीके को GST मुक्त करने की मांग
धारीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार 18 से 45 साल की उम्र वालों के लिये व्यवस्था राज्यों पर ही डाल दी. वैक्सीन कम्पनियों से एक ही टीके के लिये तीन अलग-अलग दर तय करायी हैं, जो अनुचित है. राज्यों को अलग से ग्लोबल टेंडर जारी करना पड़ा जो किसी विकसित देश में भी नहीं हुआ. राज्य की जनता को कोविड से बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने 3000 करोड़ रुपए से टीका खरीदने का निर्णय लिया. केन्द्र सरकार टीके पर 5 प्रतिशत जीएसटी एवं अन्य कोविड राहत सामग्री जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर, दवा आदि पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी वसूल कर रही है, जो उचित नहीं है. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टीके को जीएसटी से मुक्त करने लिये वित्त मंत्री, भारत सरकार को पत्र लिखा है.
 
राजस्व पर पड़ा विपरीत प्रभाव
कोविड-19 के दौरान राज्य के राजस्व पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. मई में अप्रैल की तुलना में वेट, राज्य उत्पादक शुल्क, स्टाम्प और पंजीकरण एवं जीएसटी आदि मदों में राज्य के राजस्व में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आयी है. केन्द्र सरकार से अब तक 7561.36 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसमें, जीएसटी मुआवजा 2957.36 करोड़ और जीएसटी मुआवजा ऋण  4604 करोड़ रुपए है.  

GST की बकाया क्षति पूर्ति तुरंत जारी करें
धारीवाल ने जीएसटी कांउसिल में मांग की कि वर्ष 2020-21 में राज्य को 4604 करोड़ रुपए जीएसटी क्षतिपूर्ति ऋण के रूप में जारी किए गए हैं जबकि इतनी ही राशि जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान के रूप में ही जारी की जानी चाहिए थी. अतः इस राशि को जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान के मद में समायोजित किया जाए, साथ ही 2020-21 के क्षतिपूर्ति राशि के बकाया 4635.29 करोड़ रुपए. तुरंत एकमुश्त जारी की जाए. 

राजस्व आय में कमी, जीएसटी क्षतिपूर्ति 5 साल में दे
उन्होनें बताया कि कोविड के दौरान राज्य की निश्चित राजस्व आय में काफी कमी रहने की आशंका है. अतः केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को देय सम्पूर्ण जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि का भुगतान जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान के रूप में करना चाहिए. राज्यों में लोक कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता बढ़ती जा रही है, अतः केन्द्र सरकार को चाहिए कि जीएसटी क्षतिपूर्ति प्रदान करने की अवधि को पांच वर्ष के लिए बढ़ा कर वर्ष 2027 तक किया जाए. 

GDP का शुद्ध उधार बढ़ाने की मांग
धारीवाल ने सुझाव दिया कि कि 15 वें वित्त आयोग ने वर्ष 2021-22 के लिये राज्य हेतु जीडीपी का 4 प्रतिशत शुद्ध उधार (Net Borrowing) की सीमा निर्धारित की है, इसे 5 प्रतिशत किया जाए. इसी प्रकार 1 प्रतिशत अतिरिक्त उधार (Additional Borrowing Ceiling) की सीमा को बढ़ाकर 2 प्रतिशत अनुमत की जाए. राज्यों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिये वैक्सीन पर से जीएसटी पूर्णतया हटाया जाए. वैक्सीन की कीमत कम होने में यदि इनपुट टैक्स क्रेडिट के कारण विपरीत प्रभाव पड़ता है तो इसे निर्यात की तरह जीरो रेटेड रखा जा सकता है.

IGST की छूट को भी बढ़ाया जाए
केंद्र ने विदेश से सहायता के रूप में प्राप्त कोविड रीलीफ सामग्री पर IGST से छूट प्रदान की है. राज्य सरकार अथवा सरकार से अनुमोदित संस्था द्वारा निशुल्क वितरण हेतु खरीद कर आयात करने पर भी इस IGST की छूट को बढ़ाया जाए जिससे राहत कार्यों में तेजी लायी जा सकें. इसे Fitment कमेटी ने भी अनुशंसा की है. इसे स्वीकृति देकर 31 जुलाई तक छूट देनी चाहिए.

राज्य में भी दी जाए GST पर छूट
धारीवाल ने कहा कि सरकार द्वारा अनुमोदित संस्था द्वारा देश के भीतर से निशुल्क वितरण हेतु खरीदे गए कोविड रिलीफ मैटेरियल यथा ऑक्सीजन एवं इस के उपकरण वेंटिलेटर, रेमडेसिवीर आदि पर भी 31 मार्च, 2022 तक जीएसटी से छूट प्रदान की जानी चाहिए. Fitment कमेटी ने 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत GST लगाने की अभिशंसा की है. 

कांग्रेस शासित राज्यों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
धारीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार कोविड-19 के दौरान ऑक्सीजन, ऑक्सीजन टैंकर, आवश्यक दवाईयां, वैक्सीनेशन आदि बीजेपी शासित राज्यों को भरपूर दे रही है. जबकि गैर बीजेपी शासित राज्य इनके लिए तरस रहे हैं. केन्द्र सरकार का यह सौतेला व्यवहार ठीक नहीं है. केन्द्र सरकार को सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए तथा वैक्सीन की जिम्मेदारी स्वयं को उठानी चाहिए.