
केंद्रीय कौशल विकास कार्यक्रम
प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2026 4:16PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों सहित उद्योग-संबंधी कौशलों से सुसज्जित करना है।
पीएमकेवीवाई के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षण लागत को पूरा करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को धनराशि जारी की जाती है। जेएसएस योजना के तहत, धनराशि सीधे गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को जारी की जाती है। एनएपीएस के तहत, प्रशिक्षुओं को प्रति माह 1500 रुपये तक का वजीफा डीबीटी के माध्यम से जारी की जाती है, न कि इसके अंतर्गत आने वाले संस्थानों को। आईटीआई से संबंधित दैनिक प्रशासन और वित्त नियंत्रण संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के पास होता है।
एमएसडीई की योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान वर्षवार जारी की गई धनराशि का ब्यौरा निम्नलिखित है:
(आंकड़े करोड़ रुपये में)
योजना का नाम | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 |
पीएमकेवाई | 643.77 | 305.46 | 839.18 | 1553.13 | 279.30 |
जेएसएस | 137.63 | 154.65 | 154.37 | 139.55 | 148.23 |
नैप्स (एनएपीएस) | 177.07 | 309.03 | 594.30 | 585.96 | 577.03 |
एमएसडीई की योजनाओं में से, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, योजना के पहले तीन चरणों – पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 (वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक कार्यान्वित) के अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में नियोजन का विश्लेषण किया गया, जिसमें कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवारों को प्रमाणित किया गया, जिनमें से 24.38 लाख उम्मीदवारों को योजना के अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के तहत नियोजन प्राप्त हुआ। इसके अलावा, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को विभिन्न करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, और उन्हें इसके लिए उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।
एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्यवार/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की संख्या का ब्यौरा अनुलग्नक में दिया गया है।
कौशल विकास योजनाओं के प्रभाव का आकलन तृतीय-पक्ष स्वतंत्र मूल्यांकन के माध्यम से निम्नानुसार किया गया है:
पीएमकेवीवाई: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान (एएनजेआईएफ़एम) द्वारा पीएमकेवीवाई 4.0 का एक स्वतंत्र तृतीय-पक्षीय प्रभाव मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने एसटीटी उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। प्रशिक्षण से पहले नियोजित और स्व-नियोजित एसटीटी उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा 26.6% था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया, जो 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। आय संबंधी परिणाम भी सकारात्मक हैं, जिसमें 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद आय में वृद्धि दर्ज की है। कुल मिलाकर, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को काफी हद तक बढ़ाया है और लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से के लिए कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है।
जेएसएस भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान द्वारा 2025 में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन किया गया, ताकि योजना की पहुंच, प्रभावशीलता और आजीविका परिणामों का आकलन किया जा सके। मूल्यांकन में योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उजागर किया गया, जिसमें 33.94 लाख व्यक्ति नामांकित हुए, जिनमें से 32 लाख को प्रशिक्षित किया गया और 31.52 लाख को प्रमाणित किया गया, जो 99 प्रतिशत की समग्र सफलता दर को दर्शाता है। कुल प्रतिभागियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत थी, जबकि 73 प्रतिशत लाभार्थी हाशिए पर आने वाले वर्गों से थे, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (36 प्रतिशत) और अन्य पिछड़ा वर्ग (37 प्रतिशत) शामिल हैं। आजीविका पर प्रभाव उल्लेखनीय रहा है, जिसमें 90 प्रतिशत पूर्व छात्र अर्जित कौशल का उपयोग आय सृजन के लिए कर रहे हैं, 82 प्रतिशत प्रशिक्षण के छह महीने के भीतर आर्थिक रूप से सक्रिय हो गए हैं, और 60 प्रतिशत पूर्व में न-कमाई करने वाले व्यक्ति प्रशिक्षण के बाद कमाई शुरू कर चुके हैं। लाभार्थियों की औसत मासिक आय में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।
एनएपीएस: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्त प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2025-26 तक (30 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (पीएमएनएपीएस-2) का एक तृतीय-पक्षीय मूल्यांकन अध्ययन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मूल्यांकन अवधि के दौरान पीएमएनएपीएस 2 ने उल्लेखनीय विस्तार हासिल किया और 46 लाख के संचयी लक्ष्य के मुकाबले 34.69 लाख प्रशिक्षुओं को रोजगार प्रदान किया, जो लगभग 75 प्रतिशत की समग्र उपलब्धि को दर्शाता है। डीबीटी के संस्थागतकरण से वित्त पारदर्शिता और पूर्वानुमान में सुधार हुआ है। संचयी डीबीटी वितरण 1,094 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जिसमें वार्षिक वितरण वित्त वर्ष 2023-24 में 327.2 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 500.16 करोड़ रुपए हो गया।
रोजगार क्षमता में सुधार लाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन सहित उभरते क्षेत्रों और नए युग के भविष्य के कौशल में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए, एमएसडीई ने निम्नलिखित पहलें शुरू की हैं:
- पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, “भविष्य के कौशल” श्रेणी में विशेष जॉब रोल्स शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में अवसरों के लिए तैयार करना है। सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल संवर्धन पहलों को देशभर के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किया है। इससे नियोक्ताओं के बीच स्वीकार्यता बढ़ती है। इसके अतिरिक्त, कार्यान्वयन स्तर पर उद्योग साझेदारी पाठ्यक्रम को आकार देने, रोजगार दिलाने और वर्तमान बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल सुनिश्चित करने में सहायक होती है।
- 266 निर्धारित व्यवसायों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोबोटिक्स सहित 750 से अधिक वैकल्पिक व्यवसायों के तहत शिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- एमएसडीई के तत्वावधान में प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में सीटीएस के तहत नए युग/भविष्य के कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेकाट्रॉनिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
- डिजिटल कौशल प्रशिक्षण में सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने के उद्देश्य से, डीजीटी ने आईबीएम, सिस्को, अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अग्रणी आईटी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बिग डेटा एनालिटिक्स (बीडीए), ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि सहित आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक होंगी।
- कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत कौशल विकास पहलों के लिए डीजीटी ने आईबीएम इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, एडोब इंडिया, अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), फ्यूचर राइट स्किल्स नेटवर्क (एफआरएसएन), एडुनेट फाउंडेशन, ऑटो डेस्क आदि संस्थाओं के साथ सहयोग किया है। ये साझेदारियां आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक हैं। सीटीएस के अंतर्गत रोजगार कौशल विषय में ‘ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का परिचय’ नामक एक मॉड्यूल (अवधि: 7.5 घंटे) शुरू किया गया है।
- एमएसडीई ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) लॉन्च किया है, जो एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य उद्योग से संबंधित पाठ्यक्रमों, रोजगार के अवसरों और उद्यमिता सहायता के माध्यम से देश भर के युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है – जिसमें एज़्योर एआई स्पीच और मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांतों जैसे परिचयात्मक कार्यक्रमों से लेकर गूगल क्लाउड जनरेटिव एआई और स्वास्थ्य सेवा में व्यावसायिक मूल्य सृजित करने के लिए एआई रणनीति जैसे उन्नत मॉड्यूल शामिल हैं – जो सभी दक्षता स्तरों के शिक्षार्थियों का समर्थन करने और उन्हें तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में सफल होने के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
- राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीएआई) कौशल ढांचा विकसित किया है, जो एआई, डेटा साइंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय रोडमैप, संरचना और दिशानिर्देशों की रूपरेखा तैयार करता है और मानकीकृत, उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या विकसित करने के लिए मूलभूत दस्तावेज के रूप में कार्य करता है।
- एमएसडीई के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने डिजिटल पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, रेडहैट, पियर्सन वीयूई, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी), सिस्को नेटवर्किंग अकादमी जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी की है।
- एमएसडीई ने राष्ट्रीय स्तर पर एक पहल, एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस) शुरू की है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों (कक्षा 6-12) में एआई जागरूकता और मूलभूत कौशल विकसित करना और शिक्षकों में एआई साक्षरता का निर्माण करना है। यह कार्यक्रम भौगोलिक क्षेत्रों में एआई शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करके डिजिटल विभाजन को पाटने का प्रयास करता है, जिससे समावेशी और भविष्य के लिए तैयार कौशल विकास के राष्ट्रीय एजेंडे को समर्थन मिलता है।
- वैश्विक स्तर पर डिजिटल जॉब्स में भागीदारी को सक्षम बनाने वाले पीएमकेवीवाई 4.0 पाठ्यक्रमों में एआई/एमएल फाउंडेशन और एडवांस्ड, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, ड्रोन पायलट टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल आईओटी और डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं। पीएमकेवीवाई ढांचे के तहत भावी कौशल के जॉब रोल्स के माध्यम से, स्किल इंडिया डिजिटल हब वैश्विक स्तर पर नौकरियों का मिलान करता है; रोजगार मेले और प्लेसमेंट रोजगार संबंधों को सुनिश्चित करते हैं। एनएसक्यूएफ़ लेवल 5-7 प्रमाणपत्र पीएमकेवीवाई योग्यताओं की वैश्विक स्तर पर उपयोगिता सुनिश्चित करते हैं।
एमएसडीई की योजनाओं की व्यापक निगरानी और मूल्यांकन व्यवस्था निम्न प्रकार है:
पीएमकेवीवाई:- पीएमकेवीवाई के तहत, एक सुदृढ़, बहुस्तरीय निगरानी और प्रभाव मूल्यांकन ढांचा अपनाया जाता है। सभी उम्मीदवारों, प्रशिक्षण प्रदाताओं और रोजगार परिणामों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (सिद्ध) पर ट्रैक किया जाता है। आवधिक तृतीय-पक्ष मूल्यांकन और नियोक्ताओं की प्रतिक्रिया निरंतर सुधार को दिशा प्रदान करती है। निरंतर डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग अनुकूल निर्णय लेने और उभरती प्रौद्योगिकी कौशल विकास पहलों के साक्ष्य-आधारित विस्तार को सुगम बनाती है।
प्रशिक्षण केंद्रों को प्रशिक्षण में उम्मीदवारों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) मशीन स्थापित करना अनिवार्य है। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, प्रशिक्षण केंद्रों को भुगतान उपस्थिति से जोड़ा गया है। कॉल सत्यापन, अचानक केंद्र निरीक्षण, वर्चुअल सत्यापन और परिणाम-आधारित भुगतान जैसे निगरानी उपकरणों का उपयोग करके प्रशिक्षण केंद्रों और उम्मीदवारों के कौशल विकास चक्र की प्रगति की समवर्ती निगरानी भी की जाती है।
एनएपीएस:- एनएपीएस के अंतर्गत, योजना की निगरानी के लिए केंद्रीय स्तर पर एक राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) और एक योजना निगरानी एवं समीक्षा समिति (एसएमआरसी) का गठन किया गया है। इसी प्रकार, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर राज्य कार्यान्वयन समीक्षा समितियों (एसआईआरसी) का गठन किया गया है।
जेएसएस:- एमएसडीई आवधिक समीक्षा बैठकों और क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करता है। योजना के कार्यान्वयन की निगरानी स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) पोर्टल के माध्यम से भी की जाती है। राज्य स्तर पर, कौशल विकास एवं उद्यमिता संस्थानों (जेएसएस) की निगरानी और पर्यवेक्षण क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय (आरडीएसडीई) द्वारा किया जाता है। प्रभावी निगरानी के लिए आरडीएसडीई के अधिकारी समय-समय पर अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जेएसएस का दौरा और निरीक्षण करते हैं। प्रत्येक जेएसएस में प्रबंधन बोर्ड (बीओएम) नामक 16 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर जेएसएस द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रमों की समीक्षा करती है।
सीटीएस:- डीजीटी समय-समय पर आईटीआई के संबद्धता मानकों और नियमों की समीक्षा करता है ताकि उनकी प्रासंगिकता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। सीटीएस के अंतर्गत पाठ्यक्रमों का पाठ्यक्रम भी उद्योग भागीदारों के परामर्श से नियमित रूप से अद्यतन किया जाता है, ताकि नवीनतम तकनीकी प्रगति और विकसित हो रही कौशल आवश्यकताओं को शामिल किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षण बाजार की मांग के अनुरूप बना रहे। इसके अलावा, संबंधित राज्य सरकारें, केंद्र सरकार के समन्वय से, आईटीआई का समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आईटीआई में बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की योग्यता, पाठ्यक्रम कार्यान्वयन और प्रशिक्षण प्रदान करने के मानक अद्यतन हैं।
अनुलग्नक
एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्यवार/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की संख्या का वर्षवार ब्यौरा।
(i) जेएसएस :
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | |||||
प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | |
अंडमान और निकोबार | 900 | 900 | 1,800 | 1,800 | 1,800 | 1,800 | 1,800 | 1,800 | 1,797 | 1,790 |
आंध्र प्रदेश | 11,699 | 11,671 | 16,200 | 16,169 | 10,800 | 10,779 | 10,769 | 10,767 | 10,795 | 10,785 |
अरुणाचल प्रदेश | – | – | – | – | – | – | – | – | ||
असम | 9,139 | 8,996 | 12,600 | 12,599 | 9,000 | 8,995 | 10,799 | 10,798 | 10,798 | 10,777 |
बिहार | 28,769 | 27,709 | 56,594 | 55,901 | 37,786 | 37,747 | 36,733 | 35,898 | 37,073 | 35,853 |
चंडीगढ़ | 1,600 | 1,600 | 2,700 | 2,698 | 1,800 | 1,799 | 1,770 | 1,507 | 1,462 | 1,455 |
छत्तीसगढ | 18,151 | 18,002 | 37,777 | 36,042 | 23,376 | 23,374 | 24,967 | 24,844 | 25,158 | 25,099 |
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 2,379 | 2,376 | 3,255 | 3,214 | 3,179 | 3,059 | 2,417 | 2,377 | 3,197 | 3,197 |
दिल्ली | 5,440 | 5,409 | 8,099 | 8,067 | 5,398 | 5,391 | 5,391 | 5,385 | 5,363 | 5,338 |
गोवा | 1,740 | 1,740 | 2,700 | 2,640 | 1,800 | 1,800 | 1,700 | 1,700 | 1,799 | 1,798 |
गुजरात | 19,228 | 19,068 | 23,917 | 23,741 | 14,160 | 14,020 | 14,311 | 14,307 | 14,889 | 14,889 |
हरियाणा | 8,939 | 8,691 | 10,728 | 10,194 | 7,181 | 6,959 | 3,333 | 3,225 | 3,437 | 3,353 |
हिमाचल प्रदेश | 8,424 | 8,406 | 28,244 | 28,090 | 18,630 | 18,621 | 18,052 | 17,945 | 18,865 | 18,806 |
जम्मू-कश्मीर | 2,396 | 2,067 | 500 | – | 1,020 | 1,020 | 680 | 559 | 2,297 | 2,297 |
झारखंड | 9,964 | 9,924 | 25,220 | 24,845 | 22,439 | 22,426 | 20,976 | 20,915 | 23,063 | 22,978 |
कर्नाटक | 18,735 | 18,731 | 31,492 | 31,441 | 21,532 | 21,518 | 21,509 | 21,501 | 21,377 | 21,356 |
केरल | 16,148 | 16,147 | 24,300 | 24,175 | 16,198 | 16,195 | 15,929 | 15,890 | 16,199 | 16,139 |
लद्दाख | – | – | 600 | – | 212 | – | – | – | 717 | 717 |
लक्षद्वीप | – | – | 1,481 | 1,401 | 1,772 | 1,772 | 900 | 900 | 999 | 999 |
मध्य प्रदेश | 52,222 | 51,720 | 70,259 | 69,712 | 49,089 | 49,025 | 51,477 | 51,302 | 52,082 | 52,063 |
महाराष्ट्र | 38,479 | 37,015 | 52,934 | 52,709 | 37,273 | 37,249 | 36,861 | 36,808 | 37,612 | 37,552 |
मणिपुर | 6,285 | 6,164 | 10,278 | 8,676 | 7,197 | 7,037 | 7,219 | 7,219 | 7,200 | 7,065 |
मेघालय | – | – | 1,660 | 1,660 | 1,800 | 1,800 | 1,780 | 1,780 | 1,759 | 1,759 |
मिजोरम | 900 | 887 | 2,472 | 2,472 | 1,800 | 1,800 | 963 | 945 | 922 | 919 |
नगालैंड | 1,812 | 1,778 | 1,999 | 1,877 | 2,631 | 2,619 | 540 | 540 | 2,560 | 2,540 |
ओडिशा | 40,635 | 40,325 | 71,765 | 70,435 | 50,828 | 50,414 | 52,123 | 51,983 | 52,151 | 52,086 |
पंजाब | 3,567 | 3,567 | 4,138 | 4,138 | 3,560 | 3,560 | 2,980 | 2,978 | 3,458 | 3,457 |
राजस्थान | 12,443 | 12,373 | 20,651 | 20,632 | 14,831 | 14,781 | 15,534 | 15,469 | 16,180 | 16,161 |
तमिलनाडु | 14,045 | 13,970 | 19,784 | 19,503 | 14,780 | 14,760 | 15,124 | 14,962 | 15,818 | 15,703 |
तेलंगाना | 10,398 | 10,378 | 15,639 | 15,618 | 10,300 | 10,299 | 10,787 | 10,786 | 10,793 | 10,789 |
त्रिपुरा | 2,610 | 2,592 | 5,397 | 5,397 | 3,600 | 3,600 | 3,480 | 3,458 | 3,567 | 3,560 |
उत्तर प्रदेश | 88,648 | 87,918 | 1,22,510 | 1,22,288 | 84,573 | 84,521 | 82,475 | 81,776 | 82,532 | 82,178 |
उत्तराखंड | 12,433 | 12,369 | 20,687 | 20,256 | 14,393 | 14,388 | 13,978 | 13,969 | 14,304 | 14,300 |
पश्चिम बंगाल | 13,868 | 13,842 | 17,904 | 17,570 | 12,599 | 12,575 | 13,133 | 13,096 | 14,118 | 14,084 |
(ii) पीएमकेवीवाई:
टीसी राज्य | वित्त वर्ष-21-22 | वित्त वर्ष-22-23 | वित्त वर्ष-23-24 | वित्त वर्ष-24-25 | वित्त वर्ष-25-26 | |||||
प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | |
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 613 | 656 | 310 | 480 | 648 | 131 | 909 | 939 | 30 | – |
आंध्र प्रदेश | 13,199 | 12,988 | 5,798 | 6,807 | 32,449 | 19,163 | 35,471 | 23,085 | 3,094 | 3,759 |
अरुणाचल प्रदेश | 8,884 | 10,808 | 667 | 3,624 | 4,152 | 705 | 10,054 | 5,934 | 125 | 510 |
असम | 24,517 | 36,441 | 8,721 | 11,112 | 38,190 | 17,278 | 75,182 | 46,316 | 5,902 | 7,609 |
बिहार | 47,643 | 32,762 | 12,213 | 18,270 | 23,613 | 12,506 | 99,982 | 54,471 | 4,451 | 13,039 |
चंडीगढ़ | 893 | 757 | 491 | 383 | 319 | 253 | 628 | 512 | 148 | 112 |
छत्तीसगढ | 9,495 | 7,355 | 4,356 | 3,192 | 8,385 | 4,956 | 16,452 | 10,377 | 490 | 834 |
दिल्ली | 19,965 | 14,884 | 2,262 | 4,197 | 10,686 | 6,149 | 12,277 | 8,441 | 2,769 | 2,701 |
गोवा | 604 | 358 | 176 | 222 | 183 | 26 | 236 | 305 | 12 | – |
गुजरात | 35,001 | 27,300 | 6,503 | 6,501 | 19,975 | 8,941 | 39,762 | 27,300 | 949 | 1,820 |
हरियाणा | 18,191 | 13,087 | 8,963 | 7,322 | 27,411 | 12,966 | 75,942 | 50,803 | 8,308 | 15,887 |
हिमाचल प्रदेश | 8,724 | 7,426 | 3,539 | 4,186 | 5,348 | 3,644 | 19,341 | 12,843 | 3,582 | 3,479 |
जम्मू-कश्मीर | 21,339 | 9,121 | 7,352 | 17,023 | 28,895 | 15,280 | 85,557 | 68,307 | 4,689 | 8,523 |
झारखंड | 34,233 | 20,901 | 5,302 | 6,828 | 8,796 | 5,321 | 30,034 | 17,835 | 1,785 | 3,434 |
कर्नाटक | 23,153 | 18,579 | 8,410 | 7,790 | 13,025 | 6,631 | 69,486 | 32,251 | 7,339 | 22,515 |
केरल | 12,968 | 9,501 | 5,673 | 6,514 | 8,832 | 4,416 | 10,449 | 5,427 | 1,118 | 1,268 |
लद्दाख | 731 | 10 | 246 | 437 | 445 | 247 | 312 | 345 | – | 17 |
लक्षद्वीप | 120 | – | – | 52 | – | – | 120 | – | – | – |
मध्य प्रदेश | 46,659 | 31,622 | 21,345 | 22,506 | 34,884 | 19,849 | 2,59,871 | 1,47,966 | 16,686 | 45,163 |
महाराष्ट्र | 39,864 | 31,508 | 14,913 | 16,940 | 35,284 | 16,746 | 75,368 | 45,334 | 8,180 | 13,360 |
मणिपुर | 6,424 | 6,111 | 1,146 | 2,295 | 2,879 | 572 | 20,798 | 13,124 | 1,067 | 1,711 |
मेघालय | 3,406 | 3,875 | 1,245 | 1,928 | 2,502 | 1,024 | 7,938 | 3,952 | 1,168 | 1,150 |
मिजोरम | 4,742 | 3,970 | 1,162 | 1,455 | 3,533 | 1,055 | 6,871 | 3,586 | 1,384 | 1,342 |
नगालैंड | 4,184 | 2,793 | 1,803 | 2,952 | 3,830 | 1,269 | 7,299 | 4,311 | 662 | 905 |
ओडिशा | 12,645 | 10,966 | 12,116 | 7,526 | 21,457 | 12,296 | 26,231 | 16,399 | 2,189 | 2,522 |
पुदुचेरी | 1,622 | 1,756 | 689 | 834 | 1,556 | 1,087 | 3,096 | 1,756 | 646 | 745 |
पंजाब | 18,539 | 14,257 | 7,568 | 6,963 | 11,836 | 6,377 | 1,06,699 | 79,907 | 10,259 | 16,966 |
राजस्थान | 38,511 | 32,927 | 9,232 | 13,781 | 23,564 | 11,379 | 2,80,156 | 2,03,959 | 10,856 | 36,673 |
सिक्किम | 1,322 | 959 | 381 | 602 | 2,802 | 714 | 2,874 | 1,041 | – | 228 |
तमिलनाडु | 29,057 | 17,250 | 8,029 | 12,811 | 34,533 | 19,093 | 85,689 | 62,587 | 10,786 | 16,178 |
तेलंगाना | 13,107 | 9,440 | 8,040 | 6,804 | 15,390 | 10,885 | 22,188 | 16,038 | 6,344 | 5,829 |
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 252 | 175 | 31 | 33 | 301 | 107 | 1,407 | 883 | 75 | 337 |
त्रिपुरा | 4,490 | 7,476 | 1,608 | 2,342 | 5,081 | 2,719 | 14,363 | 8,995 | 1,906 | 1,724 |
उत्तर प्रदेश | 69,015 | 52,949 | 25,568 | 31,373 | 71,771 | 35,731 | 4,63,503 | 3,10,748 | 28,823 | 63,747 |
उत्तराखंड | 10,522 | 7,358 | 2,942 | 3,945 | 11,669 | 6,442 | 35,364 | 22,470 | 3,650 | 5,316 |
पश्चिम बंगाल | 31,406 | 21,472 | 12,370 | 12,672 | 25,768 | 12,157 | 36,410 | 22,231 | 3,916 | 5,277 |
(iii) सीटीएस:
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र | 2021 | 2022 | 2023 | 2024 | 2025 | ||||
प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | |
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 531 | 406 | 450 | 371 | 481 | 337 | 838 | 669 | 829 |
आंध्र प्रदेश | 45612 | 36404 | 48110 | 36293 | 50568 | 36667 | 52447 | 41127 | 54213 |
अरुणाचल प्रदेश | 497 | 379 | 674 | 532 | 733 | 496 | 669 | 474 | 697 |
असम | 3500 | 3105 | 3548 | 2923 | 5325 | 3369 | 4256 | 3212 | 5725 |
बिहार | 110399 | 92905 | 90830 | 66765 | 125625 | 88903 | 116293 | 80518 | 116754 |
चंडीगढ़ | 910 | 801 | 907 | 732 | 1083 | 719 | 898 | 642 | 1175 |
छत्तीसगढ | 22320 | 18415 | 20816 | 16841 | 24226 | 11078 | 22237 | 11496 | 23970 |
दिल्ली | 8774 | 7810 | 9261 | 7817 | 10288 | 5619 | 9368 | 5827 | 10970 |
गोवा | 2080 | 1836 | 2126 | 1795 | 2255 | 1365 | 2161 | 1400 | 2404 |
गुजरात | 81236 | 57066 | 84648 | 57363 | 98454 | 45688 | 78811 | 44783 | 90790 |
हरियाणा | 49032 | 40668 | 45161 | 33725 | 54944 | 30924 | 51465 | 32738 | 53477 |
हिमाचल प्रदेश | 20332 | 18992 | 22691 | 19944 | 23371 | 17649 | 18801 | 14082 | 16973 |
जम्मू-कश्मीर | 8062 | 6625 | 8130 | 6244 | 8504 | 4708 | 8226 | 5034 | 10047 |
झारखंड | 29760 | 23129 | 35573 | 25653 | 40108 | 27841 | 40263 | 28360 | 48331 |
कर्नाटक | 66238 | 48183 | 73068 | 46806 | 78724 | 45322 | 64447 | 44229 | 71839 |
केरल | 35493 | 32046 | 34741 | 30168 | 33196 | 23713 | 30445 | 21946 | 30132 |
लद्दाख | 171 | 137 | 326 | 234 | 368 | 209 | 375 | 263 | 421 |
लक्षद्वीप | 374 | 301 | 303 | 227 | 360 | 220 | 341 | 167 | 210 |
मध्य प्रदेश | 63306 | 44911 | 69194 | 45275 | 73224 | 41247 | 69309 | 40785 | 79970 |
महाराष्ट्र | 112997 | 93507 | 121884 | 95802 | 128009 | 84035 | 115889 | 80573 | 130810 |
मणिपुर | 108 | 60 | 668 | 443 | 812 | 389 | 721 | 320 | 894 |
मेघालय | 508 | 439 | 738 | 538 | 714 | 522 | 992 | 720 | 1000 |
मिजोरम | 256 | 203 | 334 | 216 | 396 | 205 | 260 | 185 | 328 |
नगालैंड | 186 | 161 | 267 | 212 | 240 | 136 | 379 | 252 | 324 |
ओडिशा | 57401 | 36884 | 54005 | 35122 | 65801 | 40042 | 54855 | 36693 | 61348 |
पुदुचेरी | 689 | 524 | 737 | 485 | 796 | 415 | 695 | 391 | 704 |
पंजाब | 39992 | 28742 | 39986 | 28115 | 43997 | 22465 | 40370 | 24695 | 44247 |
राजस्थान | 95342 | 63910 | 99263 | 62042 | 109648 | 61841 | 90937 | 54729 | 88418 |
सिक्किम | 181 | 169 | 424 | 369 | 312 | 181 | 353 | 258 | 431 |
तमिलनाडु | 28496 | 22427 | 35078 | 24610 | 41127 | 20094 | 35466 | 20301 | 39119 |
तेलंगाना | 27183 | 21725 | 26480 | 18530 | 29579 | 18096 | 33583 | 21416 | 40452 |
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 443 | 395 | 666 | 532 | 908 | 534 | 822 | 515 | 841 |
त्रिपुरा | 1603 | 1234 | 2470 | 1444 | 2452 | 886 | 2240 | 1181 | 2714 |
उत्तर प्रदेश | 273714 | 181248 | 269106 | 168207 | 333024 | 184475 | 317044 | 189012 | 385871 |
उत्तराखंड | 8918 | 6992 | 10807 | 7297 | 11499 | 6898 | 8661 | 5527 | 11526 |
पश्चिम बंगाल | 29207 | 24786 | 37711 | 30861 | 44211 | 33583 | 40216 | 32734 | 42323 |
(iv) एनएपीएस:
राज्य का नाम | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | ||||
प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | प्रशिक्षित | प्रमाणित | |
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 41 | 2 | 48 | 12 | 199 | 22 | 177 | 73 |
आंध्र प्रदेश | 16,424 | 4,428 | 21,701 | 4,957 | 22,075 | 6,963 | 26,446 | 4,952 |
अरुणाचल प्रदेश | 42 | 0 | 65 | 7 | 66 | 32 | 204 | 29 |
असम | 9,660 | 2,787 | 8,174 | 1,800 | 5,801 | 2,240 | 10,028 | 1,719 |
बिहार | 5,543 | 1,148 | 5,317 | 1,323 | 5,502 | 1,905 | 9,013 | 1,660 |
चंडीगढ़ | 668 | 233 | 1,231 | 224 | 1,692 | 226 | 1,739 | 426 |
छत्तीसगढ | 4,875 | 4,049 | 5,249 | 3,281 | 5,362 | 3,359 | 6,820 | 3,429 |
दिल्ली | 15,817 | 786 | 15,957 | 1,567 | 22,471 | 2,494 | 30,330 | 3,216 |
गोवा | 4,406 | 247 | 11,882 | 410 | 11,770 | 1,288 | 12,412 | 1,580 |
गुजरात | 76,222 | 28,759 | 83,957 | 23,146 | 90,796 | 27,004 | 1,09,027 | 22,356 |
हरियाणा | 62,867 | 23,201 | 66,714 | 22,002 | 66,504 | 20,106 | 85,979 | 20,759 |
हिमाचल प्रदेश | 6,825 | 689 | 10,212 | 950 | 9,257 | 1,458 | 10,891 | 1,837 |
जम्मू-कश्मीर | 989 | 227 | 859 | 87 | 1,026 | 330 | 1,230 | 241 |
झारखंड | 9,151 | 6,994 | 11,883 | 5,719 | 9,686 | 5,409 | 10,674 | 5,207 |
कर्नाटक | 58,629 | 7,023 | 78,457 | 10,008 | 92,843 | 15,186 | 1,16,343 | 21,066 |
केरल | 11,275 | 7,988 | 13,104 | 6,665 | 15,317 | 6,730 | 15,519 | 6,298 |
लद्दाख | 28 | 4 | 66 | 31 | 50 | 23 | 19 | 28 |
लक्षद्वीप | 9 | 19 | 6 | 9 | 8 | 8 | 14 | 8 |
मध्य प्रदेश | 21,205 | 7,132 | 22,706 | 5,570 | 26,823 | 6,378 | 34,210 | 8,790 |
महाराष्ट्र | 1,86,010 | 28,385 | 2,63,245 | 42,902 | 2,78,423 | 68,949 | 3,01,910 | 70,316 |
मणिपुर | 32 | 9 | 18 | 1 | 187 | 7 | 219 | 5 |
मेघालय | 181 | 17 | 212 | 33 | 328 | 21 | 175 | 46 |
मिजोरम | 4 | 0 | 12 | 1 | 146 | 0 | 280 | 13 |
नगालैंड | 22 | 0 | 15 | 1 | 24 | 3 | 40 | 4 |
ओडिशा | 10,458 | 4,740 | 10,755 | 5,442 | 10,757 | 5,420 | 12,416 | 4,979 |
पुदुचेरी | 1,343 | 443 | 2,469 | 324 | 4,268 | 362 | 5,953 | 380 |
पंजाब | 15,361 | 3,208 | 14,761 | 3,348 | 15,510 | 4,659 | 25,649 | 3,940 |
राजस्थान | 15,204 | 4,039 | 18,230 | 3,891 | 22,328 | 4,699 | 32,243 | 5,244 |
सिक्किम | 202 | 20 | 298 | 18 | 439 | 13 | 508 | 51 |
तमिलनाडु | 72,311 | 12,716 | 1,01,553 | 9,346 | 1,01,788 | 11,766 | 1,43,236 | 12,200 |
तेलंगाना | 31,821 | 8,398 | 37,775 | 9,156 | 34,017 | 12,782 | 47,501 | 11,323 |
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 1,006 | 67 | 2,878 | 81 | 3,570 | 179 | 4,100 | 329 |
त्रिपुरा | 368 | 18 | 383 | 90 | 449 | 163 | 533 | 171 |
उत्तर प्रदेश | 56,946 | 13,835 | 71,505 | 14,461 | 78,966 | 14,789 | 1,06,269 | 16,775 |
उत्तराखंड | 16,436 | 1,968 | 21,058 | 1,999 | 22,887 | 2,771 | 30,643 | 4,086 |
पश्चिम बंगाल | 26,109 | 3,523 | 29,538 | 4,103 | 23,324 | 7,314 | 35,153 | 6,517 |
* एनएपीएस के तहत प्रमाणन की ट्रैकिंग 2022-23 से शुरू कर दी गई है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पीके/केसी/एसकेएस/केके
*****
(रिलीज़ आईडी: 2294990)

